मंडी के विकास शर्मा बने एसटीपीएल के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर ।



किरण राही/पधर (मंडी)।


पधर उपमंडल की ग्राम पंचायत उरला के विकास शर्मा सतलुज जल विद्युत निगम की पूर्ण स्वामित्व एसटीपीएल कंपनी में (सीईओ) चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर आसीन हुए हैं। विकास शर्मा ने सीईओ बनकर अब बिहार के बक्सर में 1320 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट निर्माण कार्य को गति देने का दायित्व संभाला है। उनके उच्चस्थ पद में आसीन होने पर मंडी जिला के साथ साथ हिमाचल प्रदेश गौरवांवित हुआ है।


एक साधारण परिवार में जन्मे विकास शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय प्राथमिक पाठशाला उरला से हुई। जबकि मिड्ल स्कूल उरला में आठवीं तक की पढ़ाई करने बाद मैट्रिक राजकीय उच्च पाठशाला पधर से की। तदोपरांत दस जमा दो की पढ़ाई के बाद सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की।


उसके बाद विकास शर्मा ने इंजीनियरिंग में अपने कैरियर की शुरुआत Webuild Company (Impregilo SPA) इटली की एक मल्टी नेशनल कंपनी से की।
वहीं देश की कई मल्टी नेशनल कंपनी और सरकारी उपक्रमों में सेवाएं देते हुए कई कीर्तिमान स्थापित किए।


हाईड्रो प्रोजेक्ट्स, पंप स्टोरेज परियोजना, 690 मेगावाट की आइस लैंड (यूरोप) तथा एसजेवीएन के कारपोरेट मुख्यालय निर्माण कार्य में अपनी बेहतरीन सेवाएं दी।
हाल ही में वे एसजेवीएन के ही नेपाल स्थित 900 मेगावाट की अरुन-3 परियोजना में चीफ इंजीनियर सिविल पद पर सेवारत थे।


बीते रोज ही उन्होंने 1320 मेगावाट बक्सर थर्मल पावर प्रोजेक्ट में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर का पदभार संभाला।
इससे पहले विकास शर्मा उत्कृष्ट कार्य के लिए एसजेवीएन के सीएमडी अवार्ड और स्टार अवार्ड से सम्मानित हो चुके हैं।
उनके पिता स्व. श्री सुरजमणि शर्मा और माता स्व. श्रीमति निर्मला शर्मा दोनों केंद्रीय मुख्य अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए थे।


पूर्व मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर और पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर ने इस उपलब्धि के लिए विकास शर्मा को बधाई दी है।

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