कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र में 7822 कर्मचारी मतदान डयूटी पर होंगे तैनात: डीसी




कांगड़ा।न्यूज हिमाचल24


4332 पुलिस कर्मी पोलिंग बूथों की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे।
17 विस क्षेत्रों में मतदाताओं की कुल संख्या है 15,02514
  


रिर्टनिंग आफिसर कांगड़ा चंबा संसदीय क्षेत्र डीसी हेमराज बैरवा ने बताया कि कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र 17 विस क्षेत्रों में 1910 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे इसमें 7822 कर्मचारी मतदान डयूटी पर तैनात रहेंगे जबकि 4332 पुलिस कर्मी पोलिंग बूथों की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे। उन्होंने बताया कि 1782 सामान्य बूथ जबकि 128 क्रिटिकल बूथ स्थापित होंगे।


    उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मतदाताओं की कुल संख्या पंद्रह लाख दो हजार 514 मतदाता हैं जिनमें से 7 लाख 55 हजार 878 पुरूष मतदाता तथा सात लाख 46 हजार 631 महिला मतदाता शामिल हैं। इसमें कांगड़ा जिला के 13 विस क्षेत्र तथा चंबा जिला के चार विस क्षेत्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 21518 सर्विस वोटर्स हैं।


36293 फस्र्ट टाइम वोटर्स: 
डीसी हेमराज बैरवा ने बताया कि 18 से 19 वर्ष के फस्र्ट टाइम वोटर्स की कुल संख्या 36293 है इसमें पुरूष मतदाता 19441 तथा महिला मतदाता 16852 हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांग वोटर्स की संख्या 12964 है। 85 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्ग मतदाताओं की संख्या 17, 758 है।

  जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि शांतिपूर्वक तथा निष्पक्ष तरीके से मतदान प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए 47 सेक्टर मेजिस्टेट, 174 सेक्टर आफिसर तैनात किए जाएंगे।
66 माॅडल पोलिंग स्टेशन होंगे स्थापित संसदीय क्षेत्र में 33 पोलिंग स्टेशन महिलाओं द्वारा संचालित किए जाएंगे जबकि दस पोलिंग स्टेशन दिव्यांग जनों द्वारा संचालित किए जाएंगे, युवाओं द्वारा एक तथा 66 माॅडल पोलिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतगणना पांच जगहों नूरपुर, चंबा, पालमपुर, ज्वालामुखी तथा धर्मशाला में होगी इस के लिए भी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा निर्वाचन-2024 प्रक्रिया निष्पक्ष तथा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न करवाने के लिए नोडल अधिकारी भी तैनात किए गए हैं जिसमें काूनन व्यवस्था के लिए एसपी कांगड़ा तथा एसपी नुरपुर, ईवीएम प्रबंधन के लिए एडीएम, आदर्श आचार संहिता एमसीसी के लिए एडीएम, परिवहन के लिए डीएम एचआरटीसी, दिव्यांगजनों के लिए जिला कल्याण अधिकारी को नोडल आफिसर तैनात किया गया है।

उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम तथा मतगणना केंद्रों की उचित व्यवस्था की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि कांगड़ा जिला में राजनीतिक दलों तथा प्रत्याशियों की व्यय निगरानी के लिए भी चुनाव आयोग के दिशा निर्देशानुसार व्यय निगरानी कमेटी गठित की गई है इसके साथ ही सभी नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।


उन्होंने कहा कि स्वतंत्र तथा निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने मोबाइल ऐप सी विजिल लांच किया है इस ऐप के जरिये आम जन आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट कर सकेगा।

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