उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार के रैंप कार्यक्रम के तहत कुल्लू में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से “बिजनेस प्लानिंग, जेम एवं सीपीपी पोर्टल तथा मार्केट सस्टेनेबिलिटी” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में लगभग 50 एमएसएमई उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों, शिल्पकारों और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।
कार्यशाला की मुख्य अतिथि जिला उद्योग केंद्र कुल्लू की प्रबंधक परवीन लता रहीं। पहले सत्र में डॉ. मनीष सूद ने व्यवसाय योजना तैयार करने, वित्तीय प्रबंधन, लागत नियंत्रण तथा नए बाजार अवसरों की पहचान पर जानकारी दी। दूसरे सत्र में श्री अविनाश शर्मा ने जेम एवं सीपीपी पोर्टल पर पंजीकरण, सरकारी खरीद प्रक्रिया, बोली प्रणाली और एमएसएमई के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। वहीं रैंप टीम के संजय ने मौके पर ही कई उद्यमियों का जेम पोर्टल पर पंजीकरण करवाकर तकनीकी सहायता भी प्रदान की।
तीसरे सत्र में डॉ. मनीष सूद ने ब्रांडिंग, गुणवत्ता मानकों, ग्राहक प्रतिधारण और दीर्घकालिक बाजार रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर प्रबंधक परवीन लता ने कहा कि जेम पोर्टल सरकारी खरीद का सबसे पारदर्शी माध्यम है और सभी एमएसएमई इकाइयों को इससे जुड़कर सरकारी खरीद के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
कार्यशाला के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में जेम पर पंजीकृत उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए, जबकि कई नए उद्यमियों ने कार्यशाला के दौरान ही जेम पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की। उद्योग विभाग ने कहा कि रैंप कार्यक्रम के तहत इस प्रकार की कार्यशालाओं से प्रदेश के एमएसएमई डिजिटल रूप से सशक्त होंगे और सरकारी तथा निजी बाजारों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
संख्या 04, कुल्लू 03 अगस्त।
एमएसएमई उद्यमियों को बिजनेस प्लानिंग और जेम पोर्टल का प्रशिक्षण
उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार के रैंप कार्यक्रम के तहत कुल्लू में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की प्रतिस्पर्धात्मकता और बाजार पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से “बिजनेस प्लानिंग, जेम एवं सीपीपी पोर्टल तथा मार्केट सस्टेनेबिलिटी” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
