मंडी, 22 अक्टूबर। बच्चों को कृषि से जोड़ने, खेती के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने तथा उन्हें आधुनिक और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों से परिचित करवाने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (HPCDP-II), जायका (JICA-ODA) के अंतर्गत ‘नेक्स्ट जनरेशन कार्यक्रम के तहत 7 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंडी जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ और लोहारा में विद्यार्थियों को कार्यक्रम के उद्देश्यों, गतिविधियों और कृषि के महत्व की जानकारी देने के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि कृषि केवल आजीविका का साधन ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार भी है। बदलते समय में खेती को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने के लिए नई तकनीकों, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण तथा पोषणयुक्त आहार के प्रति जागरूकता आवश्यक है।
‘नेक्स्ट जनरेशन’ कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कृषि के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें भविष्य में कृषि एवं इससे जुड़े विभिन्न व्यवसायों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत विद्यार्थियों को व्यावहारिक गतिविधियों, जागरूकता सत्रों, कृषि संबंधी जानकारी और विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेती की उपयोगिता से परिचित करवाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त संतुलित भोजन एवं पोषण, प्राकृतिक खेती और उन्नत कृषि तकनीकें, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि में रोजगार एवं बाजार की संभावनाएं तथा नर्सरी, वर्मी कम्पोस्ट और पोषण वाटिका जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों को फलदार पौधों के महत्व, कृषि आधारित उद्यमिता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान आईईसी विशेषज्ञ सुशील कुमार शर्मा, खंड परियोजना प्रबंधक मंडी डॉ. राजेश कुमार, कृषि विशेषज्ञ अमित शर्मा, कृषि प्रसार अधिकारी नीरज, गुरदेव शर्मा जिला कार्यक्रम समन्वयक, अश्वनी कुमार खंड समन्वयक, मंडी, आशीष कुमार खंड समन्वयक, गोहर और दोनों स्कूलों से लगभग 100 बच्चे उपस्थित रहे।
