स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं जेम-सीपीपीपी पोर्टल पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित
संसारपुर, 21 सितंबर: एमएसएमई क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से संसारपुर में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग एवं जेम व सीपीपीपी पोर्टल विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले के 40 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाप्रबंधक ओम प्रकाश जरयाल रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सभी एमएसएमई इकाइयों को जेम (सरकारी ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बड़ी संख्या में वस्तुओं एवं सेवाओं की खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की जा रही है, ऐसे में यह एमएसएमई इकाइयों के लिए एक व्यापक और सुरक्षित बाजार उपलब्ध करवाता है। उन्होंने कहा कि जेम के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ-साथ समयबद्ध भुगतान की सुविधा भी सुनिश्चित होती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की जागरूकता कार्यशालाएं उद्यमियों को नवीनतम तकनीकों, डिजिटल प्लेटफाॅर्म और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाने तथा उन्हें बदलते औद्योगिक परिवेश के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यशाला को दो प्रमुख तकनीकी सत्रों में विभाजित किया गया। प्रथम सत्र जेम एवं सीपीपीपी पोर्टल पर जागरूकता पर केंद्रित रहा, जिसका संचालन जेम विशेषज्ञ श्री अभिलक्ष लौ ने किया। उन्होंने जेम पोर्टल पर पंजीकरण एवं आॅनबोर्डिंग की प्रक्रिया, बोली लगाने की प्रणाली, आवश्यक अनुपालन, एमएसएमई के लिए उपलब्ध आरक्षित प्रावधानों, भुगतान प्रक्रिया तथा सरकारी खरीद में उपलब्ध विभिन्न अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
सत्र के दौरान आरएएमपी टीम के अमित द्वारा कई उद्यमियों का जेम पोर्टल पर आॅन-द-स्पाॅट पंजीकरण भी करवाया गया। इस पहल को लेकर उद्यमियों में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने डिजिटल सरकारी खरीद प्रणाली से जुड़ने में रुचि दिखाई।
द्वितीय सत्र स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर केंद्रित रहा, जिसका संचालन कोविद शर्मा ने किया। उन्होंने उद्योग 4.0 की अवधारणा, इंटरनेट आॅफ थिंग्स (आईओटी), आॅटोमेशन, डेटा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया, उत्पादकता में वृद्धि तथा कम लागत में गुणवत्ता सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर एमएसएमई इकाइयां उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने, गुणवत्ता में सुधार करने तथा अपने उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में सक्षम हो सकती हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों से तकनीकी नवाचार और डिजिटल समाधानों को अपनाने पर विशेष जोर दिया।
कार्यशाला के दौरान उद्यमियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद कर जेम एवं सीपीपीपी पोर्टल, डिजिटल खरीद प्रक्रिया तथा स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला का उद्देश्य उद्यमियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें सरकारी खरीद और आधुनिक विनिर्माण के नए अवसरों से जोड़ना रहा।
