हिमाचल प्रदेश के लिए सदैव युगपुरुष रहेंगे राजा वीरभद्र सिंह” : आरएस बाली
कांगड़ा, 18 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण आज माँ भीमाकाली की पावन धरती सराहन में किया गया। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष एवं नगरोटा बगवां के विधायक श्री आरएस बाली विशेष रूप से सराहन पहुंचे और राजा वीरभद्र सिंह जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर श्री आरएस बाली ने कहा कि स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह जी हिमाचल प्रदेश के लिए सदैव युगपुरुष रहेंगे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन प्रदेशवासियों की सेवा, जनकल्याण और हिमाचल के विकास के लिए समर्पित किया। राजा साहब ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया। जनमानस से उनके गहरे जुड़ाव, दूरदर्शी नेतृत्व और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें हिमाचल प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान और सम्मान दिलाया।
श्री बाली ने कहा कि छह बार मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व करते हुए राजा वीरभद्र सिंह जी ने हिमाचल प्रदेश के विकास में अतुलनीय योगदान दिया। उनके कार्य, जनसेवा के प्रति समर्पण और प्रदेशवासियों के साथ उनका आत्मीय संबंध सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनकी विचारधारा, आदर्श और विकास की दृष्टि आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे।
श्री आरएस बाली ने लोक निर्माण मंत्री एवं अपने छोटे भाई श्री विक्रमादित्य सिंह जी के साथ अपने वर्षों पुराने आत्मीय एवं पारिवारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों परिवारों के बीच स्नेह, विश्वास और सम्मान की परंपरा रही है। इन संबंधों को आगे बढ़ाना उनके लिए पारिवारिक मूल्यों और आपसी आत्मीयता का विषय है। उन्होंने इस भावुक एवं ऐतिहासिक अवसर पर सराहन में उपस्थित होकर राजा वीरभद्र सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह जी और उनके पिता, विकास पुरुष श्री जी.एस. बाली जी के बीच अत्यंत गहरे आत्मीय एवं पारिवारिक संबंध रहे। दोनों जननेताओं ने दशकों तक कंधे से कंधा मिलाकर हिमाचल प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके बीच आपसी विश्वास, सम्मान और स्नेह का रिश्ता राजनीति से परे था, जो मजबूत पारिवारिक संबंधों और साझा जनसेवा के मूल्यों का प्रतीक रहा।
श्री बाली ने कहा कि राजा वीरभद्र सिंह जी की जनसेवा और विकास की महान विरासत को उनके सुपुत्र श्री विक्रमादित्य सिंह जी पूरी निष्ठा, समर्पण एवं ऊर्जा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। पिता के आदर्शों और जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के विकास के लिए उनके निरंतर प्रयास सराहनीय हैं।
उन्होंने कहा कि माँ भीमाकाली की पावन धरती सराहन में राजा वीरभद्र सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण हिमाचल प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण है। यह प्रतिमा प्रदेश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान, जनकल्याण के प्रति समर्पण और विकास की उनकी अमिट विरासत की सदैव याद दिलाती रहेगी। राजा वीरभद्र सिंह जी की स्मृतियाँ और विचार हमेशा प्रदेशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
श्री आरएस बाली ने युगपुरुष राजा वीरभद्र सिंह जी को नमन करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास और जनसेवा में उनके योगदान को सदैव सम्मान एवं कृतज्ञता के साथ याद किया जाता रहेगा।
