विधायक केवल सिंह पठानिया ने वन विभाग के अधिकारियों और ट्रैकिंग संचालकों के साथ की बैठक
धर्मशाला, 14 अक्तूबर: विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज धर्मशाला स्थित वन विभाग कार्यालय में वन विभाग के अधिकारियों और ट्रैकिंग संचालकों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में त्रियूंड व करेरी सहित विभिन्न ट्रैकिंग साइटों के विकास, पर्यटकों की सुविधाओं और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व ट्रैकिंग संचालकों की समस्याआंे और ईको डिव्लपमेंट कमेटी करेरी पर चर्चा की गई।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि जिला कांगड़ा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की प्राकृतिक सुंदरता और ट्रैकिंग स्थलों की वजह से देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाणा से आने वाले पर्यटक विशेष रूप से इन स्थलों में रुचि दिखाते हैं। ट्रैकिंग गतिविधियों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलता है और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके तहत पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम हो रहा है।
विधायक ने बताया कि करेरी ट्रैकिंग साइट के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त त्रियूंड ट्रैकिंग मार्ग पर लगभग 30 लाख रुपये खर्च कर रास्ते और कैंपिंग स्थल तक पानी की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कार्य किया जा रहा है। गल्लू मार्ग पर भी लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में ट्रैकिंग और अन्य साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। नड्डी में एशिया की सबसे बड़ी जिपलाइन लगाई जा रही है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि ट्रैकिंग स्थलों को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में बनाए रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण और निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने ट्रैकिंग संचालकों और संबंधित संगठनों से आपसी समन्वय के साथ काम करने का आग्रह किया, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी किया जा सके।
उन्होंने ट्रैकिंग संचालकों की समस्याओं के निवारण के लिए वन विभाग के अधिकारियेां और पर्यटन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही बैठक में सामने आए विशेष मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष भी रखा जाएगा और संबंधित अधिकारियों के साथ आगे भी बैठकें की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। डल झील में पानी का रिसाव रुकने से इस वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। यहां आरती की शुरुआत भी की गई है, जिससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक नया आकर्षण विकसित हुआ है।
उन्होंने कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिले में हवाई संपर्क बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। हवाई अड्डे का विस्तार होने से भविष्य में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
बैठक में मुख्य अरण्यपाल बासू कौशल, डीएफओ अमित शर्मा, डीएफओ मुख्यालय राहुल शर्मा, एसीएफ दौलत राम धीमान सहित वन विभाग के अधिकारी और ट्रैकिंग संचालक नीलेश सैणी, मदन लालहाल, रवि कुमार, विजय कुमार, लक्की कुमार, सोनू कुमार, गुलाब सिंह, गौरव, पुरूषोत्तम भट्ट भी उपस्थित रहे।
