उद्योग मंत्री ने नाहन में 15 ई-बसों को हरी झंड़ी दिखाकर किया रवाना
नाहन 04 अगस्त। उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने हिमाचल निर्माता तथा प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ यशवंत सिंह परमार की 120वीं जयंती के अवसर पर उनके पैतृक जन्म स्थल चनालग में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ परमार के ही अथक प्रयासों के फल स्वरूप हिमाचल प्रदेश अस्तित्व में आया और उनकी दूरदर्शी सोच के कारण ही हिमाचल आज प्रगति पथ पर अग्रसर है।
उन्होंने कहा कि जब हिमाचल प्रदेश अस्तित्व में आया उस समय प्रति व्यक्ति आय मात्र 247 रुपये थी जोकि वर्तमान में बढ़कर 2 लाख, 60 हजार के करीब पहंुच गई है, शिक्षण संस्थान मात्र 200 थे जबकि वर्तमान में 15 हजार से अधिक क्रियाशील है। उन्होंने कहा कि डाॅ परमार ने अनेकों रियासतों को मिलाकर एक अलग पहाड़ी राज्य की नींव रखी इसलिए उन्हें हिमाचल निर्माता भी कहा जाता है। वह लंबे समय तक प्रदेश के मुख्य मंत्री रहे और हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलवाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने डाॅ परमार को याद करते हुए कहा कि वह एक ईमानदार और सादगी पसंद नेता थे।
उद्योग मंत्री ने कहा कि डाॅ परमार कड़ी मेहनत और पक्के इरादों वाले इन्सान थे, हमें उनके बताये मार्ग पर चल कर अपने देश तथा प्रदेश को आगे बढ़ाना चाहिए यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजली होगी। आज पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश एक आदर्श राज्य है जिसकी नींव डाॅ परमार ने रखी। बागथन क्षेत्र दुग्ध उत्पादन में अग्रणी है, वर्तमान सरकार ने गाय का दुध 61 रुपये तथा भैंस का दुध 71 रुपये निर्धारित किया है। प्रदेश सरकार किसानों तथा बागवानों की आर्थिकी को सुदृढ करने के लिए प्रयासरत है जिसके तहत हल्दी का समर्थन मूल्य 150 रुपये तथा अदरक का समर्थन मूल्य 30 रुपये निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा कि सिरमौर के लोगों ने शिक्षा, खेलकूद के साथ-साथ राजनीतिक तथा प्रशासनिक क्षेत्र में नाम रौशन किया है। वर्तमान में जिला सिरमौर से संबंध रखने वाले प्रशासनिक अधिकारी कार्य कर रहे है। उन्होंने ज्वाला मंदिर कमेटी के लिए 50 हजार तथा स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए 25 हजार रुपये देने की घोषणा की। उद्योग मंत्री ने चनालग सामुदायिक भवन की छत के लिए 11 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।
उद्योग मंत्री ने चनालग पहुंचने पर डाॅ परमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के उपरांत अर्जुन का पौधा रोपण किया और ज्वाला माता मंदिर में पूजा अर्चना भी की।
डाॅ यशवंत सिंह परमार के पौत्र तथा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी आनंद परमार ने उद्योग मंत्री का स्वागत किया तथा उन्हें शाल,टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस दौरान प्रधान ग्राम पंचायत लानाबांका शमशेर सिंह ने स्थानिय समस्याओं से उद्योग मंत्री को अवगत करवाया तथा रमेश शास्त्री ने डाॅ परमार के जीवन पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसाहां की छात्राओं ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया इस अवसर पर पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत नेहर स्वार ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष एपीएमसी सीता राम शर्मा, एसडीएम पच्छाद डाॅ प्रियंका चंद्रा, मंडल अध्यक्ष कांगे्रस कमेटी सुनील शर्मा, दयाल प्यारी, दिनेश आर्य, डीएसपी राजगढ़ विद्या चंद नेगी, प्रधान ग्राम पंचायत बागथन सरोजबाला, वरिष्ठ कंाग्रेस नेता रणवीर परमार, पूर्व अध्यक्ष ब्लाक समिति उषा तोमर, विरेंद्र झाल्टा के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी सहित क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे।
उद्योग मंत्री ने नाहन में 15 ई-बसों को हरी झंड़ी दिखाकर किया रवाना
नाहन 04 अगस्त। उद्योग, संसदीय कार्य तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चैहान ने आज बस अड्डा परिसर नाहन में 15 ई-बसों को हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ईको-फ्रेंडली आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रदेश में 297 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है, जिसमें से 25 इलेक्ट्रिक बसें जिला सिरमौर के लिए दी गई है इससे न केवल राज्य की यातायात प्रणाली को पर्यावरण अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी बल्कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवा भी सशक्त होगी।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवाओं की मांग को पूर्ण करने के साथ ही लोगों को बेहतर एवं पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि इन बसों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग अवसरंचना भी तैयार कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला में ई-बसों के संचालन से यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक एवं प्रदूषण मुक्त यात्रा सुविधा उपलब्ध होगी। इन बसों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध है तथा इनके संचालन से कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा जिससे प्र्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुलभ, विश्वसनीय एवं पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
