मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग; राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की उठाई आवाज! l
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) CPI(M) ने शुक्रवार को बिलासपुर में संयुक्त रूप से धरना-प्रदर्शन किया।
संवाददाता शुभम ठाकुर बिलासपुर।
वामपंथी दलों के देशव्यापी आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। दोनों दलों ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जिससे पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित होने की आशंका है।
वामपंथी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले पर गंभीरता से विचार करने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में निष्पक्षता बनाए रखना तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है।
फीडबैक :-
(1):- विजय कुमार, महासचिव सीटू l(बाईट )
(2)- भाग सिंह, राज्य सचिव सीपीआई l(बाईट )