रक्कड़, 27 अगस्त : पीर सलुही पंचायत के वार्ड नंबर 1 के जफ़र मुहम्मद व उनका परिवार व अन्य परिवार पिछली बरसात के दौरान कई घरों में आई दरारों ने प्रभावित परिवारों की चिंता बढ़ा दी थी। हादसे की आशंका के बीच इन परिवारों ने डर के साए में करीब एक साल गुजार दिया, लेकिन अब एक बार फिर बरसात का मौसम शुरू होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
प्रभावित लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष बारिश के दौरान उनके मकानों में दरारें आ गई थीं। कई जगहों पर मकानों की दीवारों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद परिवारों को हर बारिश में किसी अनहोनी की आशंका सताती रहती है। दो परिवारों को लगभग 65 हजार की एक किस्त जारी हुई थी लेकिन तीन परिवार की कोई लाभ नहीं मिला ।
पिछली बरसात के समय परिवारों का सामान स्थानीय सराय में रखा गया था जहां आज तक पानी तक की व्यवस्था नहीं ।
लोगों का आरोप है कि समस्या सामने आने के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिल पाई है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण करवाने, नुकसान का उचित आकलन करने और जरूरत के अनुसार आर्थिक व तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है।
फिर बरसात ने बढ़ाई चिंता
इस वर्ष भी लगातार बारिश का दौर शुरू होने के साथ प्रभावित परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों को डर है कि लगातार बारिश से पहले से क्षतिग्रस्त मकानों की स्थिति और खराब हो सकती है। उनका कहना है कि राहत के लिए बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अभी तक ठोस समाधान नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित घरों का दोबारा निरीक्षण करवाया जाए और बरसात के दौरान किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर राहत और स्थायी समाधान की जरूरत है।
बरसात में घरों की दरारों ने बढ़ाई चिंता, एक साल बाद भी राहत का इंतजार
