धर्मशाला
मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट दर्जा प्राप्त प्रधान सलाहकार, नवाचार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और शासन, गोकुल बुटेल ने आज यहां आईटी पार्क चैतडू, गगल के निरीक्षण के उपरांत होटल धौलाधार में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साॅफ्टवेयर टेक्नोलाॅजी पार्क्स आॅफ इंडिया के दो इन्क्यूबेशन सेंटर एक मेहली, शिमला और दूसरा गगल कांगड़ा स्थापित किए जा रहे हैं।

इनमें से कांगड़ा स्थित एटीपीआई इन्क्यूबेशन सेंटर का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और इसका शीघ्र ही मुख्यमंत्री से लोकार्पण करवाया जाएगा। इससे आईटी क्षेत्र में युवाओं के लिए स्टार्ट आरंभ करने की बेहतर सुविधा मिलेगी। यह हिमाचल के सबसे बड़ा आईटी इन्क्यूबेशन सेंटर के रूप में विकसित किया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार आज द्वारा गगल एयरपोर्ट के समीप 2 एकड़ भूमि पर 18.29 करोड़ रुपये लागत से 35602 वर्ग फुट का निर्मित क्षेत्र विकसित किया गया है। यह सुविधा न केवल हिमाचल के युवाओं के लिए रोजगार सृजन करेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर आईटी साॅफ्टवेयर डेवलपमेंट, स्टार्टअप इनोवेशन और डिजिटल सेवाओं को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
कांगड़ा में निर्मित एसटीपीआई इन्क्यूबेशन सेंटर अत्याधुनिक आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर से सुसज्जित है। इसमें प्लग एंड प्ले इन्क्यूबेशन स्पेस की 106 सीटें और 4 प्रबंधकीय केबिन, इन्क्यूबेशन एरिया, उद्यमियों के लिए स्वतंत्र विकास स्थल, आॅडिटोरियम की 40 सीट क्षमता, कांफ्रेंस रूम एवं मीटिंग हाॅल, एसटीपीआई कार्यालय, नेटवर्क आॅपरेशन सेंटर, अतिथि कक्ष, रिसेप्शन, रिकाॅर्ड रूम जैसी सुविधायें उपलब्ध हैं।

यह केंद्र लगभग 15 से 20 नवोदित उद्यमियों को तकनीकी सहयोग और 350 से 400 युवाओं को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।इसमें सभी सिविल कार्य पूर्ण हो चुके हैं। अब कांगड़ा केंद्र के शुरू होने से निचले हिमाचल क्षेत्र के युवाओं को भी आईटी क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्राप्त होंगे। एटीपीआई कांगड़ा और शिमला जैसे केंद्र प्रदेश में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे।
इससे न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि राज्य के युवा उद्यमियों को भी अपने विचारों को साकार करने का मंच मिलेगा। शिमला और कांगड़ा के इन दोनों केंद्रों के संचालन से हिमाचल प्रदेश जल्द ही उत्तर भारत के उभरते हुए आईटी हब के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। इस अवसर पर सचिव सूचना प्रौद्याेिगकी आशीष सिंहमार, निदेशक आईटी डा निपुण जिंदल, पूर्व महापौर देवेंद्र जग्गी तथा एसटीपीआई प्रबंधन के अधिकारी उपस्थित थे।
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