कुल्लू :
उपायुक्त कुल्लू, तोरुल एस. रवीश की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना तथा बाल विकास सेवाएं योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा समितियों की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी कुंदन लाल ने किया, जिनमें संबंधित विभागों के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। गृह निर्माण, विवाह अनुदान, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, कोचिंग तथा स्वरोजगार से संबंधित प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना राज्य सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य निराश्रित बच्चों और युवाओं को संरक्षण, संबल एवं आत्मनिर्भरता प्रदान करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे।

उपायुक्त ने कहा कि सरकार ने इन बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” घोषित किया है, जिससे उनके समग्र विकास की जिम्मेदारी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसे बच्चों से व्यक्तिगत रूप से मिलें, उन्हें योजना के सभी लाभों की जानकारी दें तथा आत्मनिर्भर बनने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करें। साथ ही कक्षा 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर एवं स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया।

इसके अतिरिक्त इस समिति में सदस्य अधिकारियों को बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने तथा करियर काउंसलिंग उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए, ताकि वे सशक्त एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर हो सकें। बैठक में गृह निर्माण से संबंधित आवेदनों, विवाह अनुदान, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास, कोचिंग तथा स्वरोजगार हेतु सहायता से जुड़े प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
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