शिक्षा मंत्री ने 1.46 करोड़ रुपए से नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरथाटा का किया लोकार्पण


शिक्षा मंत्री आज अपने गृह क्षेत्र जुब्बल के प्रवास पर थे, जहां उन्होंने लगभग 1 करोड़ 46 लाख रुपए से नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरथाटा (बटाड़गलू) का लोकार्पण किया।इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों को बधाई देते हुए बताया कि यह स्वास्थ्य संस्थान रिकॉर्ड 2 वर्षों में बनकर तैयार हुआ है और इस स्वास्थ्य केंद्र के बनने से ग्राम पंचायत बरथाटा, कठासु और बढ़ाल पंचायत के लोग लाभान्वित होंगे।


उन्होंने बताया कि जुब्बल नावर कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में इस समय 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण जारी है और इन सभी संस्थानों की स्वीकृति भी पिछली कांग्रेस सरकार के समय में ही मिली थी और इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास भी उन्हीं के द्वारा किया गया था।

साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बरथाटा, बढ़ाल धार और कठासू पंचायतों से उनका एक पारिवारिक और भावनात्मक सम्बन्ध है। इसी के दृष्टिगत सम्पूर्ण विधानसभा क्षेत्र की ही तरह यहाँ पर भी विभिन्न विकास कार्य अपनी पूरी गति के साथ चल रहे हैं, जिसमें यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल है।


सड़कों के विकास कार्यों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना चरण-3 के अंतर्गत भगोली बरथाटा सड़क को 18 करोड़ 37 लाख रूपये की लागत से स्तरोन्नत किया जा रहा है, जिसका 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और कार्य प्रगति पर है।

कठासु सावड़ा सड़क को भी 19 करोड़ 13 लाख रूपये से स्तरोन्नत किया जा रहा है, जिसका 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही नाबार्ड के तहत मिहाना खड्ड से बढ़ाल लेहरोटी बनाना कटारला सड़क का कार्य भी पूरा कर लिया गया है, इस सड़क के उन्नयन कार्य पर 14 करोड़ 59 लाख रूपये व्यय हुए है।


पिछले 3 वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को किया सुदृढ़ स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले 3 वर्षों के कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में गंभीर और प्रभावी निर्णय लिए गए हैं और जिसका सकारात्मक परिणाम भी हम देख पा रहे है।

आज जहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटखाई एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनकर उभरा है। इस संस्थान में मेडिसिन, गायनी, आँखों, बच्चों और विभिन्न स्पेशलिस्ट डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे है, जिससे स्थानीय लोग और अन्य क्षेत्रों के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इसके साथ शीघ्र ही कोटखाई में एक बड़ा ट्रॉमा सेंटर का निर्माण भी किया जाना है, जिसके लिए भूमि का चयन किया जा चुका है और शीघ्र ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा।

वहीं सिविल अस्पताल जुब्बल भी एक बड़ा और पुराना अस्पताल है और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ और मजबूत बनाने के उदेश्य से इस अस्पताल में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।उन्होंने बताया कि जुब्बल में इस समय विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिससे कि स्थानीय नागरिकों को लाभ हो रहा है।

इस अस्पताल की स्थिति को बेहतर किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अस्पताल में ईसीजी को स्थापित कर दिया गया है और साथ ही एक्स-रे मशीन को भी दुरुस्त कर दिया गया है। इससे मरीज़ो को अपना इलाज कराने में सुविधा होगी।

उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि सर्दी के मौसम के मद्देनज़र मरीजों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाये और बिजली हीटर, कंबल इत्यादि का समुचित प्रबंध किया जाये और पानी की टंकियों को साफ और सुरक्षित रखा जायेगा, जिससे कि रोगियों और उनके परिजनों को स्वच्छ और शुद्ध पानी मिल सके।


रोहित ठाकुर ने बताया कि सेब की बागवानी हिमाचल की आर्थिकी की रीड है और इस उद्योग को और अधिक सशक्त और बेहतर बनाने की दिशा में वह निरंतर प्रयत्न कर रहे है। सरकार ने ऐतिहासिक रूप से सेब के समर्थन मूल्य में 2 रुपए की बढ़ोतरी की है।

सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत 153 करोड़ रूपये की राशि को एक मुश्त जारी किया और बागवानों की देनदारियों को चुकाया, जिसमें 90 करोड़ पिछली भाजपा सरकार के समय की लंबित राशि थी। इसके अतिरिक्त सरकार ने बागवानो को अधिक वज़न के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के लिए यूनिवर्सल कार्टन को लागू करने का निर्णय लिया जिससे एक छोटा और सीमान्त किसान भी लाभान्वित हुआ।


न्यूज़ीलैंड से आयात होने वाले सेब पर आयात शुल्क कम करने से हिमाचल के बागवानों को होगा नुक्सान
विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने बताया कि सेब बागवानी के नाम पर वे जनता में भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं जबकि सच्चाई यह है कि 2025 की भीषण आपादा के दौरान भी सड़कों को दिन-रात दुरुस्त किया गया और बागवानों के सेब का 100 प्रतिशत विपणन किया गया।

केंद्र की सरकार द्वारा इस समय हिमाचल की सेब बागवानी नष्ट करने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं, जिसके तहत अभी कुछ दिनों पहले ही न्यूज़ीलैंड से आयात होने वाले सेब पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसका सीधा नुकसान हिमाचल के बागवानों को होगा।

इस बात पर उन्होंने आश्चर्य और खेद जताते हुए बताया कि वर्तमान में लोक सभा में हिमाचल के सभी चार सांसद भाजपा से हैं किन्तु इस विषय पर उनकी और जुब्बल कोटखाई नावर के स्थानीय नेताओं की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया, जो भाजपा की अवसरवादिता को प्रदर्शित करता है।


इस अवसर पर जुब्बल नवार कोटखाई कांग्रेस मण्डल अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, ज़िला परिषद सदस्य कौशल मुंगटा, कोटखाई तहसील यूनियन प्रधान गुमान सिंह चौहान,पूर्व ज़िला परिषद सदस्य मोतीलाल सिथता, युवा कांग्रेस अध्यक्ष जु0 ना0 कोटखाई0 दीपक कालटा ग्रामपंचायत बरथाटा गोपाल चौहान, प्रधान ग्राम पंचायत बढ़ाल कुलदीप पिरटा ग्राम पंचायत प्रधान कथासु गीता नाज़टा, एवं साथ लगती पंचायतों के जन प्रतिनिधि, सहित मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा, खंड चिकित्सा अधिकारी संजय आनन्द,लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार कपिल रावत उपमंडलाधिकारी जुब्बल गुरमीत नेगी बी डी ओ जुब्बल करण सिंह एस एच ओ जुब्बल चेतन चौहान एवं सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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