मंडी,
बाल विकास परियोजना सराज द्वारा पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 24 से 26 दिसंबर तक पंचायत समिति सभागार में किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य नवचेतना और आधारशिला पहलों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करते हुए प्रारंभिक बाल्यावस्था में पोषण और शिक्षा को सुदृढ़ करना रहा।
बाल विकास परियोजना अधिकारी सराज रमेश ठाकुर ने प्रशिक्षण को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम की रीढ़ हैं और उनके माध्यम से ही पोषण तथा गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा बच्चों तक पहुंचती है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा की अवधारणा पर केंद्रित सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बच्चे के जीवन के पहले छह वर्षों के महत्व, संतुलित पोषण और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को खेल-आधारित शिक्षण, गतिविधि केंद्रित सीख, कहानी, कविता, गीत, नाटक और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।सत्रों में बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आनंददायक वातावरण तैयार करने, सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाने तथा सामाजिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

नवचेतना पहल के अंतर्गत बच्चों में जागरूकता, आत्मविश्वास, जिज्ञासा और सामाजिक व्यवहार विकसित करने के उपाय साझा किए गए, जबकि आधारशिला पहल के माध्यम से 3 से 6 वर्ष के बच्चों की शैक्षणिक और वैचारिक नींव मजबूत करने के लिए आवश्यक गतिविधियों और शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण को उपयोगी, प्रेरणादायक और व्यवहारिक बताते हुए इससे प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया। इस दौरान परियोजना के वृत्त पर्यवेक्षक किरण शर्मा, शकुंतला, रीना कुमारी, तेज कुमारी, मीना कुमारी, विरागी राम, यशपाल सिंह तथा खंड समन्वयक मस्त राम ने मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण सत्रों में सहयोग प्रदान किया।
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