मंडी,
जिला परिषद मंडी की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आज परिषद सभागार, भ्यूली में जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में 22,896 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिन पर 297.53 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इसके अतिरिक्त 3,585 कार्यों की 148.56 करोड़ रुपये की एक्सपेक्टो अप्रूवल तथा लाइन विभागों के 87 कार्यों की 9.55 करोड़ रुपये की लागत को भी मंजूरी दी गई।
अध्यक्ष पाल वर्मा ने बताया कि आपदा और बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए मनरेगा के तहत 455.62 करोड़
रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, जिला परिषद उपाध्यक्ष मुकेश चंदेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अध्यक्ष पाल वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक समयबद्ध रूप से पहुंचे। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई आपदा से मंडी जिला को भारी नुकसान हुआ है, विशेषकर जल शक्ति विभाग की पेयजल योजनाओं को क्षति पहुंची है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं को विभागों तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाना परिषद की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि कुछ विभागों की जटिल समस्याओं पर आगामी दो-तीन हफ्तों में अलग बैठक कर विचार किया जाएगा।

बैठक में विभिन्न विभागों की विकास परियोजनाओं, योजनाओं के क्रियान्वयन और जन समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा हुई। स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल शक्ति, ग्रामीण विकास, विद्युत, कृषि और परिवहन विभागों से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
परिषद सदस्यों ने अधूरे कार्यों, सड़कों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति की समस्याओं तथा स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों व स्टाफ की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। बैठक का संचालन जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा ने किया। इस दौरान पिछली बैठकों के लंबित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई और संबंधित विभागों द्वारा अब तक किए गए कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
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