मंडी,
उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज पुलिस लाईन मंडी के सभागार में जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशा तस्करी की रोकथाम, नशा पीड़ितों के उपचार एवं पुनर्वास तथा जनजागरूकता को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिला मंडी में 24 पंचायतों को अति संवेदनशील (रेड जोन) के रूप में चिन्हित किया गया है। इन पंचायतों को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में सोमवार, मंगलवार एवं बुधवार को विशेष बैठकों का आयोजन किया जाए, जिसमें लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

अपूर्व देवगन ने निर्देश दिए कि जिले के सभी नशा मुक्ति केंद्रों में चिकित्सकों द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए ताकि उपचाराधीन व्यक्तियों की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा सके। उन्होंने बताया कि नशा उन्मूलन अभियान में ब्रह्मकुमारी संस्था व आर्ट ऑफ लिविंग का सहयोग मिल रहा है, जो योग, ध्यान एवं परामर्श के माध्यम से नशा पीड़ितों के पुनर्वास में सहायक सिद्ध हो रहा है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अगली एनकॉर्ड समिति की बैठक से पूर्व अपने-अपने विभागों द्वारा नशा मुक्ति से संबंधित सुझाव एवं ठोस एक्शन प्लान प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें, ताकि समन्वित रणनीति के तहत प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
अपूर्व देवगन ने कहा कि नशा उन्मूलन के लिए प्रवर्तन, उपचार, पुनर्वास एवं जनजागरूकता—चारों स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं और जिला प्रशासन इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि नशा उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अपील की कि नशे के सेवन, तस्करी अथवा नशा संबंधित गतिविधियों से जुड़े हॉटस्पॉट की सूचना जिला प्रशासन को साझा करें।
कोई भी नागरिक यह जानकारी ई-मेल dcmandi33@gmail.com अथवा व्हाट्सएप नंबर 9317221001 पर भेज सकते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि नशे की रोकथाम, परामर्श एवं उपचार सेवाओं के लिए नागरिक “ड्रग फ्री हिमाचल” ऐप के साथ-साथ 1800-11-0031, 1933 तथा 14446 नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबरों का लाभ उठा सकते हैं।

बैठक में पुलिस अधीक्षक साक्षी वर्मा ने बताया कि 14 जनवरी, 2026 को जिले की 69 कूरियर एजेंसियों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें कोई संदिग्ध सामग्री नहीं पाई गई। कूरियर सेवा प्रदाताओं को नशे की तस्करी रोकने को लेकर कूरियर एजेंसियों पर सर्च ऑपरेशन चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी, 2026 को जिला मंडी की 166 पंचायतों में पंचायत स्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया।
बैठक में जिला पुलिस द्वारा एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत की गई हालिया कार्रवाइयों की समीक्षा भी की गई। पुलिस विभाग ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 33 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 49 पुरुष व 1 महिला सहित कुल 50 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। जब्त किए गए मादक पदार्थों में अफीम के 2 मामले, चिट्टा/हेरोइन के 12 मामले, चरस के 18 मामले तथा प्रतिबंधित दवाओं (एमडीएमए ) के 2 मामले शामिल हैं।

यह भी जानकारी दी गई कि दिसंबर, 2025 में 24 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए थे, जबकि जनवरी, 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 33 हो गई। इसी अवधि में चिट्टा/हेरोइन की बरामदगी 37.16 ग्राम से बढ़कर 172.27 ग्राम हो गई, जबकि चरस की बरामदगी 5.813 किलोग्राम से बढ़कर 10.451 किलोग्राम दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त 138.165 किलोग्राम पोस्त भूसा भी जब्त किया गया।
बैठक में पीआईटी एनडीपीएस मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस वर्ष अब तक 18 मामले उच्च अधिकारियों को भेजे गए, जिनमें से 4 मामलों में तीन माह की हिरासत में रखने की सजा सुनाई गई।
आज की बैठक में नगर निगम के आयुक्त रोहित राठौर, पुलिस, स्वास्थ्य, जिला कल्याण, समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिला के धरमेहड़, सलापड़, बाड़ी गुमाणु, चौंतड़ा, गागल, सदयाणा, धमच्याण, नगवाईं, कांगू, नागचला, रंधाड़ा, सुधार व कुम्मी में भी नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं।
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