संवाददाता शुभम ठाकुर बिलासपुर
सदर विधायक एवं भाजपा प्रदेश महासचिव त्रिलोक जम्वाल ने केंद्र सरकार के बजट को लेकर प्रदेश की सुक्खू सरकार पर आमजन में भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। मंगलवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि केंद्र द्वारा राज्यों का राजस्व घाटा अनुदान बंद करने की बातें पूरी तरह निराधार हैं और प्रदेश सरकार जानबूझकर जनता को गुमराह कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में देश ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। वर्ष 1947 से 2013-14 तक देश का कुल बजट जहां महज 18 लाख करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसका सीधा लाभ देश की अर्थव्यवस्था को मिला है।

त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि इसी मजबूत आर्थिक नीतियों का परिणाम है कि भारत आज विश्व की 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में पहले जहां केवल सवा दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाते थे, वहीं अब यह बढ़कर 12.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
विधायक ने कहा कि रक्षा बजट को 2.71 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.84 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जो लगभग 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सड़क निर्माण के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड बजट आवंटन किया गया है।
उन्होंने केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि राजस्व घाटा अनुदान को चरणबद्ध तरीके से कम करने की प्रक्रिया पहले से तय थी और इसके बावजूद केंद्र सरकार हिमाचल को अन्य मदों में भरपूर आर्थिक सहयोग दे रही है।
त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि टैक्स कलेक्शन ग्रांट को बढ़ाकर 13,499 करोड़ रुपये किया गया है, जो केंद्र की प्रदेश के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां केंद्र सरकार हिमाचल में रेलवे नेटवर्क को आगे बढ़ाना चाहती है, वहीं प्रदेश सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जानबूझकर लटका रही है।
विधायक ने मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के बीच तालमेल की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की कथनी और करनी में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के विजनरी बजट के दम पर भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा।
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