शहीद मोहन सिंह का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा और वीरता की प्रेरणा देता रहेगा: अनुराग शर्मा
जयसिंहपुर, 16 अक्तूबर
राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने शुक्रवार को जालग में सीमा सुरक्षा बल के शहीद एसआई मोहन सिंह की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने राज्यसभा सांसद का स्वागत किया। अनुराग शर्मा ने शहीद मोहन सिंह को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा प्रतियोगिता के आयोजकों एवं खिलाड़ियों को आयोजन के लिए बधाई दी।
दो दिवसीय इस वॉलीबॉल प्रतियोगिता में आठ टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता के विजेता को 35 हजार रुपये नकद एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता टीम को 25 हजार रुपये नकद एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।
इस दौरान संसद अनुराग शर्मा ने शहीद मोहन सिंह के जीवन एवं बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश की रक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
राज्यसभा सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि वह केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल प्रदेश के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को निरंतर उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री, पर्यटन मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री तथा केंद्रीय आयुष मंत्री से शिष्टाचार भेंट कर प्रदेश से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की है। इन बैठकों में प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया है तथा संबंधित मंत्रियों की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन मिला है।
अनुराग शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नशे के विरुद्ध प्रभावी कदम उठा रही है। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कानून बनाए गए हैं तथा इस दिशा में कार्रवाई करते हुए कई नशे में संलिप्त पाए गए लोगों को दंडित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलकूद, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करें तथा मोबाइल फोन का उपयोग ज्ञानवर्धक और रचनात्मक कार्यों के लिए करने के लिए प्रेरित करें।
खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं बल्कि इससे अनुशासन, टीम भावना, धैर्य और आत्मविश्वास जैसे गुण भी विकसित होते हैं। खेल में हार और जीत दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। जीत जहां आगे बढ़ने का उत्साह देती है वहीं हार अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करने का अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने जालग में इनडोर स्टेडियम के निर्माण से संबंधित विषय पर प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया ताकि क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। राज्यसभा सांसद ने क्षेत्र के महिला मंडलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों में महिला मंडलों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने महिला मंडलों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया।
इस अवसर पर उन्होंने वॉलीबॉल प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए 21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की। उन्होंने आयोजकों को प्रतियोगिता के आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अधिक अवसर मिल सकें।
कौन थे शहीद मोहन सिंह जिनकी स्मृति में हर वर्ष वालीबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जाती है
शहीद मोहन सिंह का जन्म 10 सितंबर, 1953 को जिला कांगड़ा के लंघा (जालग) गांव में हुआ था। वह पढ़ाई और खेलकूद में प्रतिभाशाली थे। उन्होंने 21 जनवरी, 1976 को सीमा सुरक्षा बल में भर्ती होकर देशसेवा का संकल्प लिया और बीएसएफ की 162वीं बटालियन में सेवाएं दीं।
14 मई, 2002 को जब वह घर से अवकाश के बाद पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस में यात्रा कर रहे थे तो उस समय जम्मू के कालूचक्र में आतंकवादियों ने बस को घेर लिया। इस दौरान आतंकवादियों की मंशा को भांपते हुए मोहन सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया और एक आतंकवादी को पकड़ लिया। इसी बीच दूसरे आतंकवादी ने उन पर गोली चला दी लेकिन गोली लगने के बावजूद उन्होंने आतंकवादी को नहीं छोड़ा और मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
इस अवसर पर उपमंडलाधिकारी जयसिंहपुर संजीव कुमार, जिला परिषद सदस्या अभिलाषा, बी डी सी सदस्य ओम प्रकाश धीमान, प्रधान जालग सपना भाटिया, उपप्रधान अशोक रकवाल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जालग के प्रधानाचार्य रजनीश अत्री, शहीद मोहन सिंह की धर्मपत्नी संसारो देवी व सुपुत्र अरुण पटियाल, शलभ अवस्थी, मास्टर सिरमौर कटोच, सुरेश जमवाल, सेवानिवृत प्रधानाचार्य संजय पटियाल, सेवानिवृत एस आई प्रवीण राणा एवं मनवीर कटोच सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
