सुंदरनगर, 20 मार्च 2026।
विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय प्रयोगशाला सुंदरनगर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता के संवर्धन के लिए एक सराहनीय पहल की गई। इस अवसर पर प्रयोगशाला के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभिन्न स्थानों पर गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले स्थापित किए।
यह गतिविधि प्रभारी वैज्ञानिक अधिकारी चमन लाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें वैज्ञानिक अधिकारी प्रोमिला शर्मा, कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी रेनू बाला, बनिता ठाकुर, शबनम ठाकुर, पूजा शर्मा तथा अन्य स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम के अंतर्गत टीम ने सुंदरनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में उपयुक्त स्थानों का चयन कर पेड़ों, भवनों एवं सुरक्षित स्थलों पर घोंसले लगाए, ताकि गौरैया को सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सके। साथ ही, पिछले वर्ष लगाए गए घोंसलों का सर्वेक्षण भी किया गया, जिसमें कई घोंसलों के सफल उपयोग की पुष्टि हुई।
इस अवसर पर चमन लाल ठाकुर ने बताया कि शहरीकरण एवं प्रदूषण के कारण गौरैया की संख्या में गिरावट आई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घोंसले व जल-पात्र लगाकर इस पक्षी के संरक्षण में योगदान दें।
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