फूलों की वर्षा ब कलश शौभायात्रा से संतों का भव्य स्वागत—नैहरनपुखर में गूंजा आस्था का महासंगम”

श्री श्री 10008 स्वामी हेमानंद जी महाराज के अमृतमय प्रवचनों से भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, हजारों की भीड़ ने लिया धर्म का संकल्प

न्यूज हिमाचल24 (प्रदीप ठाकुर )

रक्कड़: 28 मार्च:नैहरनपुखर स्थित सरकारी आईटीआई के समीप आयोजित 8वें विराट धार्मिक सम्मेलन ने शनिवार को पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम उस समय और भव्य बन गया, जब बाबा रुद्बानन्द धाम से विशेष रूप से पधारे श्री श्री 10008 स्वामी हेमानंद जी महाराज ने अपने चरण नैहरनपुखर की पावन धरा पर रखे।

स्वामी हेमानंद जी महाराज के आगमन पर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का मन मोह लिया। जैसे ही वे नैहरनपुखर पहुंचे, कार्यक्रम आयोजक राजकुमारी पत्नी राजेन्द्र कुमार शास्त्री सहित पूरे क्षेत्र के बाबा रुद्बानन्द सेवक मंडल के दर्जनों भक्तों ने उनका जोरदार और भावपूर्ण स्वागत किया श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच स्वामी जी का अभिनंदन किया और कार्यक्रम स्थल तक उन्हें ताजे फूलों की वर्षा करते हुए कलश शोभायात्रा के रूप में लेकर पहुंचे। पूरा वातावरण “जय गुरां दी ” और “ जय स्बामी हेमान्द महाराज की ” के जयघोषों से गूंज उठा।

इस भव्य स्वागत के बाद जैसे ही स्वामी हेमानंद जी महाराज ने मंच संभाला, पूरा पंडाल भक्तिरस में डूब गया। उन्होंने अपने अमृतमय प्रवचनों में कहा कि मानव जीवन का सच्चा उद्देश्य ईश्वर की भक्ति और सेवा में है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं के पीछे भागते हुए अपने मूल धर्म और संस्कारों को भूलता जा रहा है, जो चिंता का विषय है।

स्वामी हेमान्द जी महाराज ने कहा यह कलियुग का समय है—जहां धर्म कमजोर होता जा रहा है और अधर्म अपने चरम


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