रक्कड़ (कांगड़ा)। तहसील रक्कड़ की ग्राम पंचायत में रेशम केंद्र के लिए स्थायी जमीन की मिलने से पूरी तरह से अंतिम रूप ले लिया है, हालांकि इस दिशा में अब महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विभागीय जानकारी के अनुसार इस केंद्र की स्थापना वर्ष 1963 में विकास खंड प्रागपुर के गांव हार में हुई थी, जहां यह निजी भूमि पर किराए के दोन्दू राजपूतां भवन में संचालित होता रहा। बाद में इसे विभिन्न स्थानों जैसे पीर-सलूही, प्रागपुर, रक्कड़ और कुठेना में स्थानांतरित किया गया। वर्ष 1997 से यह केंद्र फिर से पीर-सलूही में किराए के भवन में चल रहा था।
विभाग द्वारा वर्ष 2018 से केंद्र के लिए स्थायी भूमि की तलाश के प्रयास तेज किए गए। इस दौरान पीर-सलूही, बसालग, शानलां और कुठेना सहित कई स्थानों पर जमीन देखी गई, लेकिन संबंधित पंचायतों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) न मिलने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका।
इसी बीच ग्राम पंचायत कोलापुर के निवासी विनोद शर्मा ने विभाग को अपनी निजी भूमि दान देने की सहमति दी, जो पीर-सलूही से करीब 3 से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। विभाग इस प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया कर रहा है।
जानकारी के अनुसार रेशम केंद्र के लिए नया भवन अब बनकर तैयार हो चुका है और विभागीय अधिकारी भी यहां बैठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने इस भवन के निर्माण के लिए पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक विक्रम ठाकुर का आभार व्यक्त किया है तथा उम्मीद जताई है कि केंद्र के स्थायी रूप से स्थापित होने से क्षेत्र में रेशम उत्पादन व किसानों को प्रशिक्षण की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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