मंडी, 12 मार्च।
औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग (गोहर, गुढ़ाहरी) ने “पैशन एंड पर्पज़ डूइंग साइंस” विषय पर गत दिवस एक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया, जिसमें प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में विख्यात विशेषज्ञ डॉ. टी.आर. शर्मा, पूर्व उप महानिदेशक (फसल विज्ञान), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया।
डॉ. शर्मा ने आधुनिक फसल प्रबंधन पद्धतियों, सतत् कृषि तकनीकों तथा फसल उत्पादकता बढ़ाने में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने व्याख्यान में पारंपरिक ज्ञान को नवीन वैज्ञानिक विधियों के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि दीर्घकालिक स्थिरता और बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को मूल्यवान दृष्टिकोण प्रदान किए गए तथा संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता और अग्रणी विशेषज्ञों के साथ ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया गया।
इसके अतिरिक्त, डॉ. एस. के. गुलेरिया, पूर्व सहयोगी निदेशक, सीएसके हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने भी एक विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसने सत्र को और अधिक सार्थक बनाया। डॉ. गुलेरिया ने क्षेत्रीय कृषि चुनौतियों, किसानों के लिए व्यावहारिक समाधान तथा जलवायु परिवर्तनशीलता के संदर्भ में अनुकूलन रणनीतियों के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उनके संबोधन ने अनुसंधान और क्षेत्रीय अनुप्रयोगों के बीच सेतु बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वैज्ञानिक प्रगति सीधे तौर पर किसानों और कृषि समुदायों को लाभ पहुँचा सके।
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