करसोग,
कृषि विभाग विकासखंड करसोग द्वारा आत्मा परियोजना के अंतर्गत सेरी बंगलो गांव में एक दिवसीय किसान सगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की पांच पंचायतों के लगभग 100 किसानों ने भाग लिया।इस अवसर पर परियोजना निदेशक आत्मा मंडी डॉ राकेश पटियाल ने किसानों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना तथा आत्मा परियोजना के अंतर्गत मिलने वाले विभिन्न लाभों की जानकारी प्रदान की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित मक्की पर 40 रुपये, गेहूं पर 60 रुपये तथा हल्दी पर 90 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।उप परियोजना निदेशक डॉ संजय ठाकुर ने कहा कि प्राकृतिक खेती से किसान अपना स्वास्थ्य, पर्यावरण और मिट्टी की उर्वरता सुरक्षित रख सकते हैं।

उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों और खरपतवारनाशकों के अनुचित प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में भी किसानों को जागरूक किया।मास्टर ट्रेनर सोम कृष्ण गौतम ने अपने अनुभव साझा करते हुए बागवानी में आने वाली समस्याओं के समाधान बताए तथा प्राकृतिक विधि से सेब उत्पादन की तकनीक समझाई। उन्होंने किसानों से देसी बीजों के संरक्षण और अधिक उपयोग पर बल दिया।
मास्टर ट्रेनर कला देवी ने भी अपने अनुभव साझा किए।
विषय विशेषज्ञ कृषि (एसएमएस) डॉ प्रवीण गुप्ता ने विभागीय योजनाओं, कृषि यंत्रों तथा बीजों पर दिए जाने वाले अनुदानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।बीटीएम मोहित कुमार ने किसानों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों, विभिन्न स्तंभों तथा घटकों के निर्माण और उपयोग की विधि विस्तार से समझाई।
कार्यक्रम में एटीएम लेखराज ठाकुर व सोनाली महाजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान संतोष कुमारी ने विभाग का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर खंड किसान सलाहकार समिति की सदस्या सुनीता तथा विभिन्न पंचायतों के प्रगतिशील किसान भी मौजूद रहे।
गोष्ठी के दौरान किसानों को विभाग की ओर से बीन के बीज भी वितरित किए गए।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.