भोटा
बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय बिझड़ी ने बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोटा में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत एक जागरुकता शिविर आयोजित किया। किशोरावस्था में मानसिक तनाव प्रबंधन और विद्यार्थियों को उनकी भावनात्मक जरुरतों के अनुसार परामर्श प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

इस अवसर पर मनोविज्ञानी एवं काउंसलर शीतल वर्मा ने कहा कि सकारात्मक सोच से जीवन में कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होेंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करते समय, सही समय पर सही शब्दों का प्रयोग करना चाहिए तथा नकारात्मक भाषा से बचना चाहिए। हमें आभार तथा प्रशंसा व्यक्त करने और दूसरों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
शीतल वर्मा ने विद्यार्थियों को परीक्षा और कॅरियर से संबंधित तनाव से निपटने के उपाय बताए तथा छात्राओं को माहवारी की स्थिति के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह भी दी।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए विद्यार्थी सकारात्मक सोच, व्यायाम, योग, मैडिटेशन, कार्य प्रबंधन, संगीत और सामाजिक कार्यों में प्रतिभागिता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और संतुलित आहार लें।

स्कूल की प्रधानाचार्य सनम ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया तथा कॅरियर के संबंध में जागरुक किया। कार्यक्रम में क्षेत्र की आंगनवाड़ी वृत्त के पर्यवेक्षक और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी उपस्थित रहीं।
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