ऊना,
बागवानी विभाग द्वारा जैव नियंत्रण प्रयोगशाला, शिमला के सौजन्य से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत विकास खण्ड बंगाणा में जैव नियंत्रण विषय पर एक दिवसीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता उपनिदेशक उद्यान, ऊना डॉ. के.के. भारद्वाज ने की। कार्यक्रम में विकास खण्ड बंगाणा के लगभग 50 बागवानों ने भाग लिया।
डॉ. केके भारद्वाज ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य बागवानों को रासायनिक कीटनाशकों के स्थान पर जैविक एवं पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि उत्पादन लागत कम हो और आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि जैव नियंत्रण पद्धति न केवल फसलों के लिए सुरक्षित है, बल्कि भूमि की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

शिविर में जैव नियंत्रण प्रयोगशाला शिमला के प्रभारी डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने बागवानों को जैव नियंत्रण के महत्व पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने लाभकारी मित्र कीटों, विभिन्न प्रकार के ट्रैप्स तथा मित्र फफूंद के उपयोग की वैज्ञानिक जानकारी साझा की।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने कम लागत में फ्रूट फ्लाई ट्रैप/फ्लूयर तैयार करने की सरल विधि तथा मित्र फंगस के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी, ताकि बागवान अपने स्तर पर इन तकनीकों को आसानी से अपना सकें।इस मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य सत्या देवी, बागवानी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों सहित बागबान भी उपस्थित रहे।
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