उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कुंगड़त पंचायत सामुदायिक केन्द्र का किया लोकार्पण,  बीटन पंचायत सामुदायिक केन्द की रखी आधारशिला*                                           *कहा….ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला, इन्हें सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता* 


ऊना, 

ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और पंचायत सामुदायिक केन्द्र ग्रामीण विकास गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करते हैं। यह बात उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने वीरवार को हरोली विधानसभा की ग्राम पंचायत कुंगड़त में 33 लाख रुपये की लागत से निर्मित नए पंचायत सामुदायिक केन्द्र भवन के लोकार्पण अवसर पर कही।

इस सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री द्वारा कुल 1.14 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई थी, जिसमें प्रथम चरण में लगभग 33 लाख रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जबकि दूसरे तल का निर्माण कार्य दूसरे चरण में किया जाएगा।


इससे पहले उन्होंने लगभग 1.15  करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले बीटन पंचायत सामुदायिक केन्द्र, भवन की आधारशिला भी रखी। इस भवन में पंचायत प्रधान कक्ष के अतिरिक्त आधुनिक मीटिंग हॉल, ग्रामसभा सभागार, लोकमित्र केन्द्र तथा पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे पंचायत कार्यों को और अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा।


उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को अधिक संसाधन, आधुनिक सुविधाएं और प्रशासनिक मजबूती प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतंत्र की आधारशिला हैं और पंचायत घर ग्रामीण विकास गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में कार्य करते हैं।


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। पंचायत सामुदायिक केन्द्रों के निर्माण से जहां जनप्रतिनिधियों को कार्य निष्पादन में सुविधा मिलेगी, वहीं आम नागरिकों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर सुलभ हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है तथा सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।


*विकास का केंद्र बनकर उभर रहा हरोली विस का बीत क्षेत्र*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली का बीत क्षेत्र तीव्र गति से विकास के केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां ट्रैफिक पार्क, 5 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर, 13.50 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट तथा 10 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक रनिंग ट्रैक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर रोड़ा क्षेत्र एक आधुनिक एवं विकसित नगर के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा।


*हरोली क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल व्यवस्था सुदृढ़*
श्री अग्निहोत्री ने कहा कि  लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से ‘बीत एरिया फेज-2’ उठाऊ पेयजल योजना पर कार्य प्रगति पर है। इस योजना के अंतर्गत स्वां नदी से जल उठाकर बीत एवं पालकवाह क्षेत्र के 28 गांवों की लगभग 50 हजार कनाल भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से वर्ष 2027 तक हरोली क्षेत्र को शत-प्रतिशत पेयजल एवं सिंचाई सुविधा से संपन्न करने की दिशा में ठोस उपलब्धियां हासिल होंगी। इसके अतिरिक्त भवौर साहिब से भी पानी उठाने की योजना का कार्य प्रगति पर है। इसके निर्मित होने पर इस क्षेत्र में कृषि गतिविधियों के विकास को तेजी मिलेगी।


*शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव*
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हरोली क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक परिवर्तन का सर्वाधिक लाभ नारी शक्ति को मिला है। बढ़ेड़ा में हिमकैप्स लॉ कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के बाद अब आयुर्वेद कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया भी जारी है। ट्रिप्पल आई टी और कई स्कूलों को अपग्रेड कर वरिष्ठ माध्यमिक बनाया गया है।

जिसकी वजह से आज यहां की बेटियां जज, वकील, नर्स और डॉक्टर बनकर क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। यह शिक्षा क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण है।
*परमिट अवधि 12 से 15 वर्ष करने पर टैक्सी ऑपरेटरों ने जताया आभार*
इस मौके पर वाहन के परमिट अवधि 12 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष किए जाने के निर्णय पर हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष रामरतन शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री से भेंट कर इस कार्य के लिए  आभार जताया।


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एसोसिएशन की मांग पर इस विषय को पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया गया था। सरकार बनने के बाद जब मामले की समीक्षा की गई तो पाया गया कि यह विषय राज्य सरकार के बजाय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।

इस विसंगति को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार ने गंभीरता से प्रयास करते हुए मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया और प्रभावी पैरवी की। परिणामस्वरूप न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि पूरे देश के टैक्सी ऑपरेटरों को इसका लाभ मिला। उन्होंने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय स्तर की विसंगति को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


*ट्रांसपोर्ट विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धि*
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य ट्रांसपोर्ट विभाग ने वित्तीय प्रबंधन में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि विभाग ने विभिन्न माध्यमों से लगभग एक हजार करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार द्वारा 93 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है।


उन्होंने बताया कि विभाग ने केवल ‘मनचाहा वाहन नंबर’ (चॉइस नंबर) की प्रक्रिया के माध्यम से ही लगभग 100 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है, जो विभाग की पारदर्शी और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार परिवहन क्षेत्र को सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे, जिससे आम जनता और परिवहन से जुड़े हितधारकों को सीधा लाभ मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने विभिन्न मांगें एवं समस्याएं उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखीं, जिनके शीघ्र समाधान का उन्होंने आश्वासन दिया।


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