आपदा के दौरान कंधे से कंधा मिलाकर प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रही राज्य सरकार

  दुःख की घड़ी में मुख्यमंत्री ने दिया सहारामकान बनाने को चार लाख रुपए की किस्त मिलने से प्रभावितों के चेहरों पर लौटी मुस्कान।इस वर्ष की बरसात में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से आई आपदा के प्रभावितों को राहत पहुंचाने में सुक्खू सरकार का मानवीय चेहरा सामने आया है।

अपना घर-बार खो चुके प्रभावित परिवारों को आशियाना प्रदान करने के लिए राज्य सरकार की ओर से विशेष राहत पैकेज के तहत राशि आवंटन से उनके चेहरों पर मुस्कान लौटने लगी है।
यह प्राकृतिक आपदा प्रदेश सहित मंडी जिला में लोगों को गहरे जख्म दे कर गई है। कई परिवारों ने अपनों को खोया, अपना घर-बार, खेत-खलिहान, बाग-बागीचे खोए।

प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के संवेदनशील नेतृत्व में ऐसे लोगों को फिर से बसाने के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया है। इसमें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मकान के पुनःनिर्माण के लिए सात लाख रुपए प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही बर्तनों सहित अन्य घरेलू सामान की क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजा 70 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए एक लाख रुपए की राहत राशि प्रदान की जा रही है।


इसी विशेष पैकेज के तहत 10 नवंबर को राहत वितरण का गवाह बना मंडी का पड्डल मैदान। यहां 4914 प्रभावित परिवारों को 81.28 करोड़ रुपए के लाभ अंतरित किए गए। लाभार्थियों में मंडी जिला के 2328 परिवारों को 36 करोड़ रुपए, कुल्लू जिला के 2172 परिवारों को 39.78 करोड़ रुपए तथा बिलासपुर जिला के 414 प्रभावित परिवारों को 5.50 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से प्रदान किए गए।

पूर्ण रूप से घर क्षतिग्रस्त होने पर 1513 प्रभावित परिवारों को चार लाख रुपए तक की किस्त जारी की गई। इसके अतिरिक्त 3401 परिवारों को आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए राहत राशि प्रदान की गई।सुंदरनगर के गमोहू गांव की गणपतु ने बताया कि इस बार बरसात ने उनका घर छीन लिया और दूसरों के घर में रहने को वह मजबूर हैं।

उनके साथ आए परिजन ने बताया कि इस विपदा की घड़ी में सरकार ने मदद की है और चार लाख रुपए की किस्त मिलने से उन्हें घर बनाने में आसानी होगी। उनका कहना है कि इस दुःख की घड़ी में मुख्यमंत्री साथ खड़े हैं, जिसके लिए सुक्खू जी का आभार व्यक्त करते हैं।


सुंदरनगर क्षेत्र के मंजेहड़ा की सविता ने बताया कि उन्होंने इसी साल फरवरी में नया मकान बनाया, लेकिन भारी बारिश के कारण यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में वे बेघर हो गए। चार लाख रुपए की किस्त मिलने पर सरकार का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि सुक्खू जी गरीबों के साथ खड़े हैं।


धर्मपुर के लंगेहड़ गांव की कमली देवी व साथ आए परिजन राजपाल का कहना है कि मुख्यमंत्री गरीबों की सहायता कर रहे हैं। घर ढहने से वे ठोकरें खाने को मजबूर हो गए, लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें सहारा दिया है।धर्मपुर के कपाही निवासी रवि कुमार के मकान पर भूधंसाव का शिकार बने स्याठी गांव का मलबा आ गिरा।

उन्होंने बताया कि अब वे किराए के घर में रहने को मजबूर हैं और सरकार की ओर से इसका किराया मिल रहा है। घर बनाने को सात लाख रुपए प्रदान करने के लिए उन्होंने प्रदेश सरकार का आभार जताया।


चच्योट क्षेत्र के युवराज, बाड़ा के गिरधारी लाल, बिलासपुर जिला के राजेश कुमार व पंकज तथा कुल्लू जिला के प्रेमचंद व छपेराम ने भी आपदा राहत के लिए राज्य सरकार का धन्यवाद किया। छपेराम का कहना है कि इस आपदा में राज्य सरकार कंधे से कंधा मिलाकर प्रभावितों के साथ खड़ी रही। मकान ढहने पर प्रभावित परिवारों को न केवल मकान किराया दिया अपितु सात लाख रुपए नया घर बनाने के लिए सरकार दे रही है।


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