मंत्रिमण्डलीय उप समिति ने निर्माणाधीन मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण कार्य में तेज़ी लाने के दिए निर्देशउद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान की अध्यक्षता में किया पार्क व घीड़ औद्योगिक क्षेत्र का दौरा

उद्योग, संसदीय कार्य, श्रम एवं रोज़गार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आज मंत्रिमंडलीय उप समिति के सदस्य नगर नियोजन, शहरी विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी तथा आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा के साथ सोलन के नालागढ़ उपमण्डल में निर्माणाधीन मेडिकल डिवाइस पार्क व घीड़ औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर उचित दिशा निर्देश जारी दिए।
उद्योग मंत्री ने निर्देश दिए कि मेडिकल डिवाइस पार्क तथा घीड़ औद्योगिक क्षेत्र के निर्माण कार्य में तेज़ी लाई जाए ताकि प्रदेश को इनका यथोचित लाभ मिल सके।


उद्योग मंत्री ने कहा कि सोलन के नालागढ़ उपमण्डल की ग्राम पंचायत मंझोली के घीड़ तथा तैलीवाला गांव में प्रदेश सरकार द्वारा अपने संसाधनों से मेडिकल डिवाइस पार्क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पार्क जहां प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोज़गार देगा वहीं उद्योगपतियों को एक ही स्थान पर समुचित सुविधाएं प्राप्त होंगी।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ इस मेडिकल डिवाइस पार्क निर्माण के लिए कुछ वर्ष पूर्व समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत एवं प्रदेश के हित को देखते हुए राज्य सरकार ने इस पार्क का निर्माण अपनी संसाधनों से करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यहां स्थापित अंतरराष्ट्रीय कम्पनियों को उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित करेगी।


उन्होंने कहा कि शीघ्र ही मंत्रिमंडलीय उप समिति अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को प्रेषित करेगी ताकि भूमि विकास और आबंटन की प्रक्रिया आरंभ हो सके।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मेडिकल डिवाइस पार्क के निर्माण पर लगभग 350 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जा रही है। मेडिकल डिवाइस पार्क के बनने से जहां राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी वहीं प्रदेश के युवाओं के लिए यह पार्क वरदान सिद्ध होगा। पार्क लगभग 1623 बीघा भूमि पर निर्मित किया जा रहा है।


उद्योग मंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में निर्माणाधीन मेडिकल डिवाइस पार्क की भूमि समतल होने का कार्य पूर्ण हो चुका है। मेडिकल डिवाइस पार्क में कैंसर केयर, रेडियोथेरेपी, रेडियोलाजी एंड इमेजिंग, इंप्लांटेबल तथा दंत चिकित्सा, स्टेंट व हड्डी जोड़ने सहित अन्य करीब 150 चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क की भूमि को समतल करने के लिए लगभग 100 करोड़ रुपए, पार्क के मार्गों के निर्माण पर 31.35 करोड़ रुपए, पानी निकासी कार्य पर 12.46 करोड़ रुपए, विद्युत वितरण नेटवर्क पर 25.05 करोड़ रुपए तथा जलापूर्ति के लिए 7.79 करोड़ रुपए प्रदेश सरकार द्वारा व्यय किए जा रहे हैं। मेडिकल डिवाइस पार्क में 3डी डिजाइन, भिन्न लैब पर 27.91 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं।


हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि ‘वन स्टॉप डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किए जा रहे मेडिकल डिवाइस पार्क में प्रयोगशालाएं और एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे एक ही स्थान पर विविध प्रकार के परीक्षणों करने की सुविधा मिलेगी। इस रणनीतिक दृष्टिकोण का उद्देश्य विनिर्माण लागत को कम करना, चिकित्सा उपकरणों के उपयोग को अनुकूलित करना और देशभर में चिकित्सा उपकरण निर्माण के लिए एक मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है।


इस अवसर पर नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग आर.डी नजीम, राज्य उद्योग विकास निगम की प्रबंध निदेशक ऋचा वर्मा, पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान, बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ विकास प्राधिकरण की संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रिया नागटा, उपमण्डलाधिकारी नालागढ़ नरेंद्र अहलूवालिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


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