राजस्व मंत्री ने किन्नौर जिला के रिकांग पिओ में साडा, वन अधिकार अधिनियम-2006 व लाडा के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की


रिकांगपिओ
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज किन्नौर जिला के आई.टी.डी.पी भवन रिकांग पिओ के सम्मेलन कक्ष में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की बैठक की अध्यक्षता की और गत बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों पर की गई कार्यवाही पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।


राजस्व मंत्री ने साडा के अधिकारियों से कूड़ा संयंत्र पोवारी में सूखे कचरे के संसाधन पर विस्तार से चर्चा की और कचरे से हो रहे संसाधन की आय वृद्धि पर रणनीति के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने पांगी नाले में विद्युत परियोजनाओं द्वारा की जा रही अवैध डंपिंग पर कड़ा संज्ञान लिया और इसे तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पर्यटन नगरी सांगला में होटल व होम-स्टे से निकलने वाले कचरे की डंपिंग के उचित निपटान पर भी चर्चा की गई।


कैबिनेट मंत्री ने साडा क्षेत्र के तहत आने वाली पंचायतों में हो रहे डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण व सार्वजनिक शौचालयों के रख-रखाव को और अधिक सुनियोजित ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने साडा के कर्मचारियों को नियमित भुगतान व वर्तमान सरकार की समावेशी योजनाओं का लाभ प्रदान करने को भी कहा।


बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने साडा क्षेत्र सांगला के तहत पार्किंग की नीलामी पर विस्तृत चर्चा की और समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत आने वाले क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट लगाने व मरम्मत करने तथा साडा रिकांग पिओ में जल निकासी व नए सीवरेज कनेक्शन पर भी उचित कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान डोर-टू-डोर सफाई शुल्क पर भी विचार-विमर्श किया गया।


राजस्व मंत्री ने साडा के अधिकारियों को रिकांग पिओ बाजार में रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पर्यटन नगरी सांगला में ट्रैफिक व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए पुलिस विभाग और स्थानीय जन प्रतिनिधियों को आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।


बैठक की कार्यवाही का संचालन उपमंडलाधिकारी कल्पा एवं सदस्य सचिव विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण अमित कल्थाईक ने किया और विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य हितैष नेगी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण दिनेश सेन, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति अभिषेक शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश नेगी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।


इसके उपरांत राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने वन अधिकार अधिनियम-2006 पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता की और प्राप्त दावों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि पटवारी, फॉरेस्ट गार्ड व पंचायत सचिवों को वन अधिकार अधिनियम-2006 का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और प्राप्त दावों को समयबद्ध सीमा में अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।


कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम-2006 तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार की देन है जो सदैव निर्धन और उपेक्षित वर्गों के उत्थान व कल्याण की सरकार रही है। कांग्रेस सरकार ने सभी वर्गों का समान विकास व एकता के साथ देश का विकास सुनिश्चित किया है और लोगों को आपस में बांटने की राजनीति का तत्परता के साथ विरोध किया है।


जनजातीय विकास मंत्री ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के तहत पात्रता उन्हीं को मिलेगी जिनका पहला कब्जा 13 दिसंबर, 2005 से पहले का हो तथा जो अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप हों। किसी भी परियोजना में वन भूमि हस्तांतरण से पूर्व ग्राम सभा में 50 प्रतिशत कोरम के साथ अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है।

वन अधिकार समिति में कम से कम 10 सदस्य होने चाहिए, जिनमें एक तिहाई महिलाओं का होना अनिवार्य है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया सरल है — प्रार्थी को कोरे कागज पर आवेदन एवं साक्ष्य के साथ दावा प्रस्तुत करना होता है, जिसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। शेष कार्य वन अधिकार समिति द्वारा किया जाता है। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गांव, उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर समितियां गठित की गई हैं, जो दावों की जांच एवं सत्यापन करती हैं।


बैठक की कार्यवाही का संचालन उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने किया और वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत प्राप्त दावों की विस्तृत जानकारी दी।इस अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्षा प्रिया नेगी, जिला परिषद सदस्य हितैष नेगी, पंचायत समिति कल्पा की अध्यक्षा ललिता पंचारस, उपमंडलाधिकारी कल्पा अमित कल्थाईक, उपमंडलाधिकारी निचार नारायण सिंह चौहान, सहायक अरण्यपाल करण कपूर सहित गैर सरकारी सदस्य व कर्मचारी उपस्थित थे।


कैबिनेट मंत्री ने इस दौरान स्थानीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण (लाडा) की बैठक की भी अध्यक्षता की और गत बैठक में परियोजना अधिकारियों को दिए गए निर्देशों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा तथा की गई कार्यवाही से मंत्री महोदय को अवगत करवाया गया।
बैठक में केबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने समस्त परियोजना अधिकारियों को प्रभावित पंचायतों में चल रहे कार्यों को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने परियोजना अधिकारियों का निर्देश दिए कि जिला के बेरोज़गार युवाओं को रोजगार प्रदान करें तथा रोजगार सृजन करना सुनिश्चित बनाएं।जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल विद्युत परियोजनाओं की सभी डम्पिंग साइटों को चिन्हित करें। इसके अलावा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सी.एस.आर) की लम्बित राशि को शीघ्र जमा करवाएं तथा सी.एस.आर के पैसे को स्थानीय पंचायत के साथ बैठक कर जनहित के कार्यों में खर्च करना सुनिश्चित करें।


राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला के छोलतू अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करें। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों में नदियों के किनारे करेट वॉल को निर्मित करने, परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या के निदान के लिए ट्रांसफार्मर स्थापित करने, परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में मंदिरों के जीर्णोद्धार कार्य करने व रूपी वैली में कैट प्लान के तहत विभिन्न विकासात्मक कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।


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