ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आकांक्षा डोगरा ने कहा कि विधिक साक्षरता का उद्देश्य आम जन को कानून को साधारणा भाषा में समझाकर उन्हें विधिक रूप से सशक्त बनाना है। आकांक्षा डोगरा आज यहां ज़िला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन द्वारा ऑटो यूनियन के सदस्यों के लिए आयोजित एक दिवसीय विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता कर रही थीं।

आकांक्षा डोगरा ने कहा कि देश का संविधान हम सबको एक समान अधिकार प्रदान करता है और कानून की सामान्य जानकारी भी आमजन को गर्व के साथ जीना सीखाती है। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी लोगों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है और इससे न्याय निष्ठ शासन की दिशा में प्रगति होती है।
उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए न्याय सुलभ बनाने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं आरंभ की हैं। इनमें निःशुल्क कानूनी सहायता योजना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग, आपदा पीड़ित, अत्याचार पीड़ित, श्रमिक, ट्रांसजेंडर और सालाना 3 लाख रुपए से कम आय वाले सभी वर्गों के लोग निःशुल्क कानूनी सहायता योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है।

ज़िला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन की सचिव ने कहा कि किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट आफिस में जाकर पात्र लोग निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अदालतों में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए समय-समय पर राष्ट्रीय लोक अदालतें भी आयोजित की जाती हैं। ज़िला सोलन में अगली लोक अदालत 13 सितम्बर को आयोजित की जाएगी।
ज़िला कल्याण अधिकारी गावा सिंह नेगी ने इससे पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
पुलिस विभाग से यातायात प्रभारी दया गुलेरिया ने सड़क सुरक्षा, यातायात संबंधी तथा मोटर वाहन अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

स्वास्थ्य विभाग से चिकित्सीय परामर्शदाता कृतिका कंवर ने एच.आई.वी. एड्स एवं यौन संचारित संक्रमण पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नम्बर 1097 पर संपर्क किया जा सकता है।
श्रमिक कल्याण बोर्ड के प्रेरक मोहन चौहान ने कहा कि आमजन के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त किसी भी तरह की दुर्घटना या आपदा से प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत मुआवज़े का प्रावधान भी है। सभी श्रमिकों को इन अधिनियमों और योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए।

कार्यक्रम में एच.आई.वी. एड्स तथा नशाबंदी पर शपथ भी दिलाई गई।ऑटो यूनियन के प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर समय-समय पर आयोजित होने चाहिएं ताकि लोग कानूनी अधिकारों के प्रति सजग हो सकें।
शिविर में ऑटो यूनियन के सदस्यों ने भाग लिया।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.