हमीरपुर
विश्व मच्छर दिवस के उपलक्ष्य पर स्वास्थ्य विभाग ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी के निर्देशानुसार राजकीय उच्च पाठशाला सासन में एक जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभाग के जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बीरबल वर्मा ने बताया कि हर साल 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है।

इसी दिन महान वैज्ञानिक सर रोनाल्ड रॉस ने अपने ऐतिहासिक अविष्कार से यह साबित किया था कि मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर ही मलेरिया का वाहक है।जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने बताया कि मॉनसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में भी मच्छरों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है, जिससे मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, इंसेफेलाइटिस, फायलेरिया और यलो फीवर जैसी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है।
इसलिए, सभी लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए तथा इन बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में सभी को जागरुक किया जाना चाहिए। हमंे मच्छर जनित रोगांे की रोकथाम के लिए घरों और आस-पास साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। कहीं पर भी पानी एकत्रित नहीं होने देना चाहिए, मच्छरदानी, रिपेलेंट, जालीदार खिड़कियों और सुरक्षित कपड़ों का उपयोग करना चाहिए।
जलस्रोतों, घर की टंकियों, गमलों और कूलर इत्यादि की नियमित सफाई करनी चाहिए तथा कीटनाशकों का उपयोग करना चाहिए।
इस मौके पर बीसीसी समन्यवक सुलोचना देवी ने कहा कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन के अंतर्गत 2030 तक मलेरिया मुक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रत्येक नागरिक को अपना योगदान देना चाहिए।कार्यक्रम में स्कूल की मुख्याध्यापिका पूनम शैला, अन्य शिक्षकों रणवीर सिंह, संतोष शर्मा, समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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