करसोग के भ्याल गांव  में एचआईवी संक्रमण के कारण, लक्षण और बचाव उपाय बताएं गांव में आयोजित किया गया एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम

करसोग,

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी एचआईवी जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज करसोग के भ्याल गांव में शक्ति महिला मंडल  के सहयोग से एचआईवी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम बीएमओ करसोग डॉ. गोपाल चौहान के निर्देशन में संपन्न हुआ।


सिविल अस्पताल करसोग की आईसीटीसी काउंसलर नंदा शर्मा ने उपस्थित महिलाओं और युवाओं को एचआईवी संक्रमण के कारण, लक्षण और बचाव उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि एचआईवी मुख्यतः असुरक्षित यौन संबंध, दूषित रक्त चढ़ाने, नशे के दौरान एक ही सिरिंज का उपयोग तथा संक्रमित माँ से शिशु में फैलता है।


उन्होंने कहा कि इस संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति को लगातार बुखार, रात को पसीना आना, वजन घटना, लम्बे समय तक दस्त, बार-बार संक्रमण होना और शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।


बचाव के उपायों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि लोग हमेशा सुरक्षित यौन संबंध बनाएं, रक्त चढ़ाने से पहले उसकी जांच करवाएं, केवल नई और स्टरलाइज्ड सुई का ही प्रयोग करें तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच अवश्य करवाएं।
नंदा शर्मा ने कहा कि नशे की लत, विशेषकर चिट्टा जैसे खतरनाक मादक पदार्थ, युवाओं को एचआईवी संक्रमण की ओर धकेल रहे हैं। युवाओं को इससे विशेष रूप से सतर्क रहने कर आवश्यकता है।


उन्होंने कहा कि एचआईवी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है। समाज में किसी भी संक्रमित व्यक्ति के साथ भेदभाव न करते हुए, संक्रमित व्यक्ति के साथ सहानुभूति और सहयोग का व्यवहार करना चाहिए।


प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के अंतर्गत 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक प्रदेश के लगभग 6 हजार गांवों और 1500 शिक्षण संस्थानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें अंतर्गत ही यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।


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