धर्मशाला,
धर्मशाला के समीप सुधेड में भूस्खलन स्थल का उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने आज मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग को इस क्षेत्र में जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शीघ्र आकलन तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए स्थायी समाधान की आवश्यकता है।

इसके साथ ही उपायुक्त ने खंड विकास अधिकारी को यहां घरों के आस-पास वर्षा जल की निकासी के लिए आवश्यक प्रबंध करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें ताकि बारिश के मौसम में सड़कें और यातायात बाधित न हो।
इसके उपरांत उन्होंने धर्मशाला रोप-वे का भी निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि धर्मशाला रोपवे परियोजना के समीप भूस्खलन की घटना के मद्देनजर यात्रियों की सुरक्षा एवं संभावित जोखिम को देखते हुए तात्कालिक प्रभाव से रोपवे की सभी गतिविधियों को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के भू-वैज्ञानिक विशेषज्ञ, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि एवं नगर निगम धर्मशाला की तकनीकी समिति दो दिनों के भीतर स्थल का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही रोपवे गतिविधियों को निलंबित रखने या पुनः प्रारंभ करने संबंधी निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला की भौगोलिक संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी संस्थानों एवं विभागों को भूकंप सुरक्षा और आपदा प्रबंधन संबंधी तैयारियों को तुरंत मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला के सभी संस्थान अपनी संवेदनशील परिसंपत्तियों, महत्वपूर्ण भवनों एवं लाइफ लाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर का त्वरित सुरक्षा ऑडिट करें ताकि जोखिमों एवं कमियों की पहचान की जा सके।

उन्होंने जिला के समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये कि आपदा राहत और पुनर्वास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़कों की मरम्मत, विद्युत और जल आपूर्ति की बहाली का कार्य युद्वस्तर पर किया जाये।उपायुक्त ने जनता से अपील की कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
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