पालमपुर,
हिमाचल प्रदेश को हरित राज्य बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार के संकल्प के तहत पालमपुर बस डिपो में आज इलेक्ट्रिक बस का दो दिवसीय ट्रायल शुरू किया गया। ट्रायल के पहले दिन बस को पालमपुर से चढ़ियार-सेरी मोलग और पुनः सेरी मोलग से पालमपुर रूट पर चलाकर इसकी क्षमता को परखा गया।

इस अवसर पर विधायक आशीष बुटेल ने पालमपुर बस स्टैंड पर बस का निरीक्षण किया और एचआरटीसी के अधिकारियों से तकनीकी पहलुओं व ट्रायल की बारीकियों की जानकारी हासिल की। विधायक ने स्वयं पालमपुर से चंदपुर-गलूलंगा रूट पर सुभाष चौक तक बस में सफर कर इसके संचालन का अनुभव भी साझा किया।
मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से एचआरटीसी के बेड़े में 300 के करीब नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं।
इसी प्रक्रिया के तहत प्रदेश भर में इलेक्ट्रिक बसों के प्रोटोटाइप का ट्रायल किया जा रहा है ताकि दुर्गम क्षेत्रों, ढलानों और विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में इनकी कार्यक्षमता का सटीक आकलन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ट्रायल भविष्य की रणनीति तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा कि कौन सी बस किस रूट के लिए सबसे उपयुक्त है।

विधायक ने कहा कि डीजल बसों के स्थान पर इलेक्ट्रिक बसों को प्रोत्साहन देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ये बसें न केवल धुआं रहित होने के कारण प्रदूषण मुक्त हैं, बल्कि इनका शोर भी ना के बराबर है, जिससे यात्रियों को एक सुखद और शांत सफर की सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ट्रायल रिपोर्ट और विभागीय सुझावों के आधार पर जल्द ही पालमपुर के प्रमुख रूटों पर इन बसों का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

इस अवसर पर वूल फेडरेशन निदेशक मंडल के सदस्य त्रिलोक चंद, एचआरटीसी के मंडल प्रबंधक पंकज चड्ढा, क्षेत्रीय प्रबंधक नितेश शर्मा सहित निगम के अन्य कर्मचारी व अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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