वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण को लेकर बिलासपुर में जिला स्तरीय समिति की अहम बैठक आयोजित                                                    वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक, स्वास्थ्य एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सभी उपमंडलों में होगी विशेष कार्यशालाएं


बिलासपुर, 

जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में अतिरिक्त उपायुक्त बिलासपुर ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में नेशनल एवं स्टेट एक्शन प्लान फॉर सीनियर सिटिज़न्स तथा प्रोटेक्टिव एजिंग प्रोग्राम के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वरिष्ठ नागरिक संघ तथा पेंशनर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता की।


बैठक में जिला में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके सम्मानजनक, सुरक्षित तथा सक्रिय जीवन को सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका, स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता तथा भावनात्मक सशक्तीकरण से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।


अतिरिक्त उपायुक्त ने जानकारी दी कि जिला बिलासपुर में उपमंडल स्तर पर जागरूकता एवं क्षमता निर्माण के उद्देश्य से विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अंतर्गत 27 जनवरी को श्री नैना देवी जी उपमंडल के ब्लॉक कार्यालय में, 29 जनवरी को झंडूता ब्लॉक कार्यालय में, 4 फरवरी को सदर उपमंडल के ओल्ड एज होम दियोली में तथा 6 फरवरी को घुमारवीं उपमंडल के ब्लॉक कार्यालय में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

इन ब्लॉक स्तरीय कार्यशालाओं के उपरांत जिला स्तर पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाइवलीहुड सिक्योरिटी, हेल्थ सपोर्ट, सामाजिक, भावनात्मक तथा डिजिटल सशक्तीकरण से संबंधित विषयों पर व्यापक विमर्श किया जाएगा।


बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आई केयर कार्यक्रम भी आरंभ किया जाएगा। इसके तहत मोतियाबिंद से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों की सर्जरी करवाई जाएगी। उन्होंने जानकारी दी कि रेड क्रॉस के माध्यम से अब तक 73 मोतियाबिंद मरीजों का डाटा प्राप्त हो चुका है।

इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि जिले में चिन्हित किए जाने वाले सभी मोतियाबिंद पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों की सर्जरी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आवश्यक धनराशि विभागीय स्तर पर उपलब्ध करवाई जाएगी तथा नवीनतम तकनीक का उपयोग करते हुए सर्जरी करवाई जाएगी।


बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्रों में उच्च पदों से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभव स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों के साथ साझा करेंगे। इस पहल को टॉक एक्सचेंज नाम दिया गया है, जिसका उद्देश्य पीढ़ियों के बीच संवाद को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों में जीवन मूल्यों, अनुभवों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत जिला में विभिन्न कम्युनिटी बेस्ड गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए सेल्फी विद ग्रैंडपेरेंट थीम पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें उत्कृष्ट प्रविष्टियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

छठी से आठवीं कक्षा तक एजिंग विद डिग्निटी विषय पर ड्राइंग प्रतियोगिता तथा नौवीं से बारहवीं कक्षा तक सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एजिंग विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त बैग फ्री डे के अवसर पर बच्चों को नैतिक शिक्षा, सड़क सुरक्षा तथा एंटी चिट्टा जैसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर जागरूक किया जाएगा।


अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी विभागों से आह्वान किया कि वह आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाएं और वरिष्ठ नागरिकों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव समाज की अमूल्य धरोहर है और उनके सम्मान व सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने जिला के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वह इन कार्यशालाओं में अपने अपने क्षेत्र से अवश्य भाग लें और इन योजनाओं का लाभ उठाएं।
बैठक में जिला स्तर के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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