मंडी,
मंडी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत देवधुन/वाद्ययंत्र एवं देवलु नाटी प्रतियोगिताओं का प्रथम चरण आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया। छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में देव समाज और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का वातावरण देखने को मिला।

प्रतियोगिता के लिए बीते दिवस से लेकर आज तक कुल 108 देवताओं के बजंत्रियों ने वाद्ययंत्र प्रतियोगिता हेतु पंजीकरण करवाया, जबकि देवलु नाटी प्रतियोगिता के लिए 18 देवताओं के देवलु दलों ने अपना नाम दर्ज कराया। प्रथम चरण में 83 दलों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से अपनी कला का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिनमें से 16 वाद्ययंत्र दल दूसरे दौर के लिए चयनित हुए।

वहीं देवलु नाटी प्रतियोगिता में 7 देवताओं के देवलु दलों ने भाग लेकर पारंपरिक नाटी की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं, जिनमें से 5 दलों को अगले चरण के लिए चुना गया।पारंपरिक नगाड़ों, करनाल, रणसिंघा एवं अन्य वाद्ययंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बन गया। देवधुन की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

प्रतियोगिता के लिए गठित निर्णायक मंडल में मुरारी शर्मा, कृष्णा देवी और उमेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर सर्व देवता समिति के महासचिव दिनेश शर्मा सहित देव समाज से जुड़े गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महोत्सव के अंतर्गत कल 16 वाद्ययंत्र एवं 5 देवलु नाटी दलों के बीच दूसरे दौर का फाइनल मुकाबला आयोजित होगा। फाइनल विजेताओं को प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही छोटी काशी की समृद्ध देव संस्कृति और लोक परंपराओं का भव्य प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा।
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