योजनाओं और भविष्य की रणनीतियों की समीक्षा की
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज यहां शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए गुणात्मक शिक्षा की दिशा में किए जा रहे सुधारों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य भर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और संस्थागत सुविधाओं को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक मानकों में सुधार लाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना वर्तमान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग और सरकारी संस्थानों में मजबूत शैक्षणिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में 39 छात्र और छात्रा विद्यालयों का विलय कर सह-शिक्षा संस्थानों में परिवर्तित किया गया है, ताकि बुनियादी ढांचे और शिक्षण स्टाफ का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, शून्य नामांकन वाले 39 विद्यालयों को निरस्त करने के लिए शीघ्र ही अधिसूचना जारी की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि दो किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने वाले विद्यार्थियों को समय पर परिवहन भत्ता उपलब्ध करवाया जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधिकारियों को गैर-सीबीएसई विद्यालयों के विलय के लिए प्रारूप तैयार करने के निर्देश भी दिए।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि 100 से कम नामांकन वाले महाविद्यालयों का भी विलय किया जाएगा, ताकि संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का समायोजन आवश्यकता के अनुसार अन्य संस्थानों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से व्यावसायिक पाठयक्रमों, शिक्षकों की भर्ती या वर्तमान कर्मचारियों की सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के परिणामस्वरूप किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी।
खेल अधोसंरचना के विकास के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार नए और उन्नत खेल छात्रावासों को तत्काल प्रभाव से कार्यशील करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नवोदित खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाए
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