भारी बारिश व भूस्खलन के कारण बंद मुख्य सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी- उपायुक्तमंडी से कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर यातायात बहाल, यात्रियों को सुरक्षित निकाला

मंडी



उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि भारी बारिश एवं भूस्खलन के कारण बाधित मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग को सोमवार दोपहर बाद यातायात के लिए खोल दिया गया है। इस दौरान विभिन्न स्थानों में ठहरे यात्रियों व अन्य लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।


उपायुक्त ने बताया कि गत दिवस भारी बारिश व भूस्खलन के कारण जिला के विभिन्न क्षेत्रों में आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग का मंडी से कुल्लू तक का भाग मूसलाधार बारिश व फ्लैश फ्लड के चलते औट, पनारसा, टकोली, थलौट सहित अनेक स्थानों पर बाधित हो गया था। स्थानीय प्रशासन ने संबंधित विभागों व एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आज दोपहर बाद इस सड़क मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया है।

उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय से लगातार राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है। एसडीएम बालीचौकी देवीराम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों के दृष्टिगत सभी संबंधितों के साथ लगातार सम्पर्क बनाए हुए हैं। राहत से संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई जारी है।


अपूर्व देवगन ने बताया कि इस सड़क मार्ग को खोलने के लिए पर्याप्त संख्या में मशीनरी एवं मानव संसाधन तैनात किया गया है। कुल्लू से मंडी के बीच दोनों ओर से यातायात बहाल कर दिया गया है। इस अवधि में विभिन्न जगहों पर रुके यात्रियों को सुरक्षित निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया है।

लगभग 1300 लोगों को इन स्थानों से सुरक्षित निकाला गया है। इनमें स्थानीय लोगों के अलावा देश-विदेश से आए यात्री भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि यह सड़क विभिन्न अंतराल में भूस्खलन इत्यादि से बंद हो रही है और इसे बहाल करने के लिए संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी सहित अन्य मशीनरी तैनात की गई है।


उपायुक्त ने बताया कि द्रंग विधानसभा क्षेत्र के कटौला से आगे बथेरी में भारी बारिश व फ्लैश फ्लड की घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। एसडीएम सदर रुपिंदर कौर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। यहां तीन प्रभावित परिवारों को राशन सहित आवश्यक वस्तुओं का समुचित प्रबंध कर दिया गया है। बथेरी तक सड़क मार्ग बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है।

यहां क्षतिग्रस्त पैदल पुल के निर्माण के लिए जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के माध्यम से कार्य प्रस्तावित है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बथेरी एवं राजकीय उच्च तथा प्राथमिक पाठशाला सनवाड़ को भी आगामी आदेशों तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है।


उन्होंने बताया कि मंडी से पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 को भी यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। द्रंग से घटासनी तक इस सड़क मार्ग पर भूस्खलन इत्यादि के लिए संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में मशीनरी व मजदूर इत्यादि तैनात किए गए हैं। एसडीएम पधर सुरजीत सिंह को मौके पर जाकर राहत कार्यों में समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।

भूस्खलन की पूर्व सूचना प्रदान करने के दृष्टिगत घटासनी से नारला वाले हिस्से में कोटरोपी में सरकार की ओर से सेंसर भी लगाए गए हैं। यहां गृह रक्षक जवान भी तैनात किए गए हैं। इस क्षेत्र में सड़कों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। इन्हें हटाने के लिए अग्निशमन सहित संबंधित विभागों के समन्वय से कार्य किया जा रहा है।


उपायुक्त ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी आवश्यक सेवाएं बहाल करने के लिए संबंधित विभाग दिन-रात कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यात्रा पर निकलने से पूर्व मौसम व सड़क की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर लें। स्थानीय लोग एवं यात्री नदी-नालों से भी दूर रहें, ताकि अचानक जल स्तर बढ़ने जैसी घटनाओं में नुकसान से बचा जा सके।


Discover more from Newshimachal24

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Discover more from Newshimachal24

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Subscribe