मिलाप कौशल खुंडियां
राजकीय महाविद्यालय मझीण में एंटी रैगिंग कमेटी के सौजन्य से प्राचार्य डॉ. चन्दन भारद्वाज के मार्गदर्शन में रैगिंग पर एक जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। प्रो आरती गुप्ता ने विद्यार्थियों को रैगिंग की परिभाषा, इसके प्रकार, प्रभाव तथा इससे निपटने के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों को बताया कि रैगिंग का अर्थ नए विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक अथवा भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करना है।

यह न केवल मानवीय गरिमा का उल्लंघन है बल्कि एक दण्डनीय अपराध भी है।छात्रों को बताया गया कि रैगिंग के प्रकार मौखिक रैगिंग, शारीरिक रैगिंग, मानसिक उत्पीड़न एवं साइबर रैगिंग आदि हैं। ये सभी रूप नए विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को तोड़ते हैं और उनके व्यक्तित्व विकास में बाधा उत्पन्न करते हैं।उन्हें यह भी स्पष्ट किया कि रैगिंग का प्रभाव जूनियर्स पर अत्यंत नकारात्मक पड़ता है।
इससे उनमें भय, अवसाद, आत्मसम्मान की हानि तथा कभी-कभी पढ़ाई छोड़ने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं।इस व्याख्यान में यह भी बताया गया कि रैगिंग जैसी बुराई पर नियंत्रण के लिए विद्यार्थियों में जागरूकता, कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई, मित्रतापूर्ण वातावरण का निर्माण तथा पारस्परिक सम्मान की भावना का विकास आवश्यक है।
अंत में विद्यार्थियों को एंटी रैगिंग सेल की भूमिका के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। यह सेल विद्यार्थियों की सुरक्षा, शिकायतों के निवारण तथा रैगिंग रोकने के लिए निरंतर सक्रिय रहती है।
इस अवसर प्राचार्य डॉ. चन्दन भारद्वाज ने विद्यार्थियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, परस्पर सहयोग और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर डॉ सारिका, प्रो मुक्तामनी, डॉ नीलम, एवं प्रो लक्की भी उपस्थित रहे।
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