जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 108 एंबुलेंस सेवा और मेडस्वैन फाउंडेशन सोलन के सौजन्य से बुधवार को यहां हमीर भवन में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के लिए फर्स्ट एड यानि प्राथमिक उपचार पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की।
इस कार्यशाला का विषय ‘प्राथमिक उपचार-प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले के रूप में भूमिका’ था। इस कार्यशाला का उद्देश्य स्कूलों में आपातकालीन स्थितियों में शिक्षकों को प्राथमिक उपचार देने में सक्षम बनाना था, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में छात्र-छात्राओं को समय पर सहायता मिल सके।

प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन), रक्तस्राव को रोकना, हड्डी टूटने की स्थिति में प्रबंधन, बेहोशी की स्थिति में प्राथमिक उपचार तथा अन्य सामान्य स्कूल आपात स्थितियों से निपटने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में ज़िले के विभिन्न सरकारी एवं निजी स्कूलों से आए 70 से अधिक शिक्षकों व प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। 108 सेवा व मेडस्वैन फाउंडेशन के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार तकनीकों का प्रदर्शन कर उन्हें सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि स्कूलों में शिक्षकों को प्रथम प्रतिक्रिया देने वालों के रूप में तैयार किया जा सके, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक आवश्यक कदम तुरंत उठाए जा सकें।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने 108 सेवा और मेडस्वैन फाउंडेशन द्वारा किए गए इस महत्वपूर्ण प्रयास की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि स्कूलों में सुरक्षा एवं स्वास्थ्य जागरुकता को और अधिक बढ़ावा मिल सके।
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