संवाददाता शुभम ठाकुर बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित विद्युत विभाग के विश्राम गृह में स्मार्ट मीटर पखवाड़े का आयोजन किया जिसमें स्मार्ट मीटर कंपनी के कर्मचारियों सहित विद्युत विभाग के सहायक अभियंता रविन्द्र चौधरी, सन्नी जगोता, जेई प्रीतम सहित स्थानीय लोग व उद्योगपति मौजूद रहे।
वहीं स्मार्ट मीटर पखवाड़े के दौरान कंपनी प्रबंधन ने जहां स्थानीय लोगों को स्मार्ट मीटर लगने के फायदे गिनाए तो दूसरी ओर लोगों ने स्मार्ट मीटर लगने से हो रही परेशानी के संबंध में जानकारी भी दी।
वहीं पखवाड़े में शामिल सभी लोगों ने एक मत से विद्युत विभाग के निजीकरण का विरोध किया तो साथ ही स्मार्ट मीटर लगने के कारण 15-20 सालों से आउटसोर्स में लगे बिलिंग क्लर्क का कार्य कर रहे कर्मचारियों की नौकरी को खतरे में ना डालने ओर उन्हें विद्युत विभाग में ही मर्ज करने की मांग रखी है।
स्थानीय लोगों का कहना है की स्मार्ट मीटर के नाम पर स्मार्ट लूट का काम किया जा रहा है और आउटसोर्स पर लगे बिलिंग कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का कार्य है।
साथ ही लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए जिन कर्मचारियों को भेजा जा रहा है वह तकनीकी रूप से सक्षम नहीं है जिसके कारण कईं लोगों के घरों में मीटर जल रहे हैं।
साथ ही उन्होंने कहा की स्मार्ट मीटर लगे एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है मगर अभीतक रीडिंग नहीं आयी है जिससे बिजली उपभोक्ता असमंजस की स्थिति में है कि बिजली बिल कितना आएगा. वहीं स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कर्मचारी का कहना है की जिन बिजली उपभोक्ताओं के घरों, दुकानों व उद्योगों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं ।
उनकी सहमति ली जा रही है और पखवाड़े के दौरान जो भी समस्याएं लोगों की सामने आई है उनका समाधान कर जल्द ही अगली बैठक का आयोजन किया जाएगा।
लगने से हो रही परेशानी के संबंध में जानकारी भी दी।
वहीं पखवाड़े में शामिल सभी लोगों ने एक मत से विद्युत विभाग के निजीकरण का विरोध किया तो साथ ही स्मार्ट मीटर लगने के कारण 15-20 सालों से आउटसोर्स में लगे बिलिंग क्लर्क का कार्य कर रहे कर्मचारियों की नौकरी को खतरे में ना डालने ओर उन्हें विद्युत विभाग में ही मर्ज करने की मांग रखी है।

स्थानीय लोगों का कहना है की स्मार्ट मीटर के नाम पर स्मार्ट लूट का काम किया जा रहा है और आउटसोर्स पर लगे बिलिंग कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का कार्य है।
साथ ही लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए जिन कर्मचारियों को भेजा जा रहा है वह तकनीकी रूप से सक्षम नहीं है जिसके कारण कईं लोगों के घरों में मीटर जल रहे हैं।
साथ ही उन्होंने कहा की स्मार्ट मीटर लगे एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है मगर अभीतक रीडिंग नहीं आयी है जिससे बिजली उपभोक्ता असमंजस की स्थिति में है कि बिजली बिल कितना आएगा. वहीं स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के कर्मचारी का कहना है की जिन बिजली उपभोक्ताओं के घरों, दुकानों व उद्योगों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं ।उनकी सहमति ली जा रही है और पखवाड़े के दौरान जो भी समस्याएं लोगों की सामने आई है उनका समाधान कर जल्द ही अगली बैठक का आयोजन किया जाएगा।
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