हमीरपुर को नशामुक्त बनाने के लिए समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य करेंउपायुक्त अमरजीत सिंह ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए निर्देशएक समग्र फॉरमेट पर नियमित रूप से ली जाएगी जागरुकता गतिविधियों की रिपोर्ट

हमीरपुर
उपायुक्त अमरजीत सिंह ने कहा है कि जिला हमीरपुर को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, महिला एवं बाल विकास, सूचना एवं जनसंपर्क, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, युवा सेवाएं एवं खेल, अन्य विभागों और सामाजिक संगठनों को एक समग्र दृष्टिकोण एवं आपसी समन्वय के साथ करना होगा।


जिला में नशा मुक्त अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और इसके लिए व्यापक कार्य योजना पर चर्चा के लिए बुधवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने कहा कि नशे की समस्या से सुनियोजित एवं प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक कार्य योजना बनाई गई है। इसमें सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है।


उन्होंने बताया कि इस योजना में नशा मुक्त अभियान को वार्ड एवं ग्राम स्तर तक पहुंचाने का प्रावधान किया गया है। नशीले पदार्थों की डिमांड और सप्लाई की चेन तोड़ने के लिए जिला पुलिस ने अपने स्तर पर भी अभियान चलाया है। इसमें समाज के सभी वर्गों का सहयोग बहुत जरूरी है। उपायुक्त ने कहा कि किशोर एवं युवावस्था के विद्यार्थियों को नशे से बचाने के लिए विशेष रूप से फोकस करने की आवश्यकता है।

इसके लिए शिक्षण संस्थानों के आस-पास तथा नशे के अन्य संभावित स्थलों पर पुलिस की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए तथा नशे के जाल में फंस चुके लोगों को डॉक्टर या परामर्शदाता तक पहुंचाया जाना चाहिए। विद्यार्थियों को जागरुक करने के लिए शिक्षा विभाग सभी शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करे।

 
उपायुक्त ने कहा कि नशा एक बीमारी है और इसका उपचार किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला में संचालित किए जा रहे सभी सात ‘नई दिशा’ नशा मुक्ति केंद्रों को सक्रिय करने तथा इनमें दी जाने वाले सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोल सप्पड़ में आधुनिक नशा मुक्ति केंद्र के लिए प्रस्तावित भूमि की हस्तांतरण प्रक्रिया को अतिशीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उपायुक्त ने कहा कि ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समितियों (वीएचएसएनसी), स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से नशा मुक्त अभियान को एक जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।


  उन्होंने कहा कि नशा मुक्त अभियान की कार्य योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा विभागों की जवाबदेही तय करने के लिए एक समग्र रिपोर्टिंग फॉरमेट तैयार किया जा रहा है। संबंधित विभागों से इसी फॉरमेट पर नियमित रूप से रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों को एक हफ्ते मंे नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा इसकी सूचना जिला कल्याण अधिकारी को प्रेेषित करने के निर्देश भी दिए।


बैठक में नशे की समस्या से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा की गई। इस अवसर पर एडीसी अभिषेक गर्ग ने जिला की कार्य योजना की रूपरेखा का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।


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