हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि आयोग संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग की समस्याओं के निराकरण एवं उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कुलदीप कुमार धीमान आज यहां अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए कार्यरत गैर सरकारी संगठनों तथा नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अनुसूचित जाति समुदाय से सम्बन्धित निर्वाचित सदस्यों एवं ज़िला सोलन में अनुसूचित जाति समुदाय से सम्बन्धित आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
आयोग के सदस्य अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा, अधिवक्ता विजय डोगरा तथा अधिवक्ता शालिनी जमवाल भी बैठक में उपस्थित रहे।
कुलदीप कुमार धीमान ने इस अवसर पर सभी को आश्वस्त किया कि भारत के संविधान के अनुरूप अनुसूचित जाति वर्ग की विभिन्न समस्याओं का संतोषजनक हल सुनिश्चित बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश के संविधान ने समाज के सभी वर्गों विशेषकर अनुसूचित जाति और कमज़ोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग को सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा इस वर्ग के विरुद्ध सामने आ रही अत्याचार की शिकायतों के मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। यह प्रयास किया जा रहा है कि दोषियों को समयबद्ध सजा मिले और शिकायत कर्ता को समय पर न्याय प्राप्त हो।
कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि वर्ष 2024 में गठन के उपरांत आयोग द्वारा ज़िला स्तर पर अनुसूचित जाति वर्ग की समस्याओं व शिकायतों को समझने के लिए अभिनव प्रयास आरम्भ किया गया है। आयोग ज़िला स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक से पूर्व अनुसूचित जाति वर्ग के चुने हुए प्रतिनिधियों एवं इस वर्ग के कल्याण के लिए कार्यरत गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श सुनिश्चित बनाता है। इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग को ज़मीनी स्तर पर पेश आ रही समस्याओं की जानकारी प्राप्त करना है।

आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि सभी प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित बनाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि ज़िला स्तर पर सुलझाई जा सकने वाली शिकायतों को ज़िला स्तर की बैठक में प्रस्तुत किया जाता है। प्रदेश सरकार के स्तर की शिकायतों को राज्य सरकार को और केन्द्र सरकार स्तर की शिकायतों को भारत सरकार को प्रेषित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि आयोग अनुसूचित जाति वर्ग के समग्र कल्याण की दिशा में कार्यरत है और इस दिशा में समुचित प्रयास किए जा रहे हैं। कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि आज आयोजित बैठक में आयोग को विभिन्न स्तरों से समुचित जानकारी प्राप्त हुई है और आज प्राप्त समस्याओं और शिकायतों का समयबद्ध निवारण करने का प्रयास किया जाएगा।

आयोग के सदस्य, अधिवक्ता दिग्विजय मल्होत्रा ने सभी से आग्रह किया कि शिकायतों को लिखित रूप में आयोग को प्रस्तुत करें ताकि इन शिकायतों पर समुचित कार्यवाही की जा सके।
आयोग के सदस्य, अधिवक्ता विजय डोगरा ने कहा कि आयोग को शिकायतें एवं सुझाव आयोग की ई मेल hpstatecommissionforsc@gmail.com पर प्रेषित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आयोग के कार्यों से सम्बन्धित जानकारी आयोग की वेबसाइट www.hpscforsc.com पर प्राप्त की जा सकती है।
आयोग की सदस्य, अधिवक्ता शालिनी जमवाल ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बन्धित शिकायतों को न्यायालय में प्रस्तुत करते समय व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं की विधिक जानकारी समाहित की जानी आवश्यक है।
बैठक में लगभग 85 प्रतिनिधियों, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शिकायतें एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
ज़िला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा, आयोग के ए.आर.ओ. नरेन्द्र शर्मा सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता बैठक में उपस्थित थे।
Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.