ऊना में सर्वाइकल कैंसर से बचाव को विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान


ऊना

उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव एवं सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के उद्देश्य से जिले में 29 मार्च से 21 जून तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी मंगलवार को ज़िला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयोजित एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर गठित ज़िला टास्क फ़ोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। बैठक में अभियान की रणनीति, लक्षित आयु वर्ग की पहचान, पंजीकरण प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।


उपायुक्त ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष  आयु वर्ग की किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। अभियान से पूर्व 10 मार्च तक सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा प्रवासी श्रमिक परिवारों का हाउस-टू-हाउस पंजीकरण और 20 मार्च तक ऑनलाइन पंजीकरण पूर्ण किया जाएगा।


उन्होंने कहा कि एचपीवी संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है और समय पर टीकाकरण से इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।उन्होंने अभियान को लेकर जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया। विभिन्न विभागों के समन्वय से व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित करने को कहा ताकि लक्षित आयु वर्ग की प्रत्येक पात्र किशोरी का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके।


उपायुक्त ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूह तथा पंचायती राज संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में आयोजित पैरेंट्स मीटिंग्स के माध्यम से अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण एवं टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र किशोरियां इस अभियान से लाभान्वित हों।


उपायुक्त ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित कर उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहयोग करें।वहीं, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) विश्व स्तर पर सबसे आम संक्रमणों में से एक है।

समय रहते रोकथाम न होने पर यह वायरस सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण, सुरक्षित व्यवहार, नियमित जांच तथा व्यापक जन-जागरूकता के माध्यम से एचपीवी से होने वाली बीमारियों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।


उन्होंने बताया कि टीकाकरण खाली पेट नहीं किया जाएगा तथा टीका लगाने के उपरांत किशोरियों को आधे घंटे तक निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखा जाएगा, ताकि किसी भी संभावित प्रतिकूल प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। किशोरियां स्वयं भी https://uwin.mohfw.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकती हैं।


23 से 28 फरवरी तक मनाया जाएगा नेशनल डी-वॉर्मिंग सप्ताह
उपायुक्त ने जानकारी दी कि 23 से 28 फरवरी तक ऊना जिले में नेशनल डी-वॉर्मिंग सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान जिले में 1,53,544 बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 41,358 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक प्रदान करने का लक्ष्य भी रखा गया है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाया जा सके।
इस अवसर पर  जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर रिचा, जिला पंचायत अधिकारी श्रवण कुमार,जिला भाषा अधिकारी निकुराम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।


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