निरमंड,
उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने निरमंड उपमंडल में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि विभिन्न आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया जाए। विशेष तौर से बागवानों को राहत प्रदान करने के लिए सड़क मार्गों को खोलने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा।
उपायुक्त तोरुल रवीश ने सुबह सबसे पहले निरमंड बस अड्डे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पाया कि बस अड्डे का भवन क्षतिग्रस्त होने की आशंका है, भवन में दरारों के साथ बसें खड़ा करने का स्थान धंस रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और अड्डा प्रबंधन को निर्देश दिए कि भवन को स्थिर करने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई की जाए और सभी तकनीकि पहलुओं पर विचार करने की बात कही।

इसके पश्चात उपायुक्त ने निरमंड के साथ लगते हट्टल गांव का दौरा किया और भारी भूसख्लन के कारण भूमि का कटाव और इसके कारण भवन धंसने के मामले पर भी प्रशासन को उचित दिशा निर्देश दिए। साथ ही भवन मालिकों को प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने हट्टल गांव में दर्जन भर प्रभावितों से बातचीत भी की।

इसके पश्चात नोर और राहणू पंचायत में उपायुक्त ने विभिन्न धंसे हुए भवनों का निरीक्षण किया। साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील भवनों को बचाने के लिए उपयुक्त कदम उठाने पर मंथन किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भवन भूस्खलन की चपेट में आने से बच गए हैं उनको स्थिर करने के लिए सभी पहलुओं पर गौर करें।

उपायुक्त ने राहणु पंचायत के लांज में स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनी। इस दौरान स्थानीय लोगों ने जानकारी प्रदान की कि कतमोर और शरशाह इलाके में करीब 6 से 7 हजार सेब की पेटियां फंसी हुई हैं। लोगों ने जल्द से जल्द सड़क बहाल करने और जिन स्थानों पर सड़क बहाल संभव नहीं है वहां स्पेन लगाने की भी मांग की।
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