राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर पहली बैठक आयोजित, 17 से 23 मार्च तक होगा आयोजन


बिलासपुर

बिलासपुर जिला के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 का आयोजन इस वर्ष 17 मार्च से 23 मार्च तक किया जाएगा। मेले के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी कड़ी में मेले के आयोजन को लेकर उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में पहली प्रारंभिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।


बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नलवाड़ी मेला जिला बिलासपुर का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित मेला है, इसलिए इसके आयोजन में किसी भी स्तर पर कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेले को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक आकर्षक, भव्य और जनोपयोगी बनाने के लिए जिला प्रशासन गंभीरता से कार्य कर रहा है।


उपायुक्त राहुल कुमार ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद प्रतियोगिताओं, पशु मेले, प्रदर्शनी, यातायात व्यवस्था तथा अन्य सभी आयोजनों के लिए अलग-अलग समितियों के गठन के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर समितियों का गठन सुनिश्चित करने को कहा, जिसके उपरांत शीघ्र ही एक और समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।


बैठक में मेले को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए सभी अधिकारियों से सुझाव आमंत्रित किए गए। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी आगामी बैठक में ठोस, व्यवहारिक और नवाचारपूर्ण सुझावों के साथ उपस्थित हों, ताकि नलवाड़ी मेले को नई पहचान दी जा सके।


उपायुक्त ने बताया कि मेले में सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ कुश्ती, राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिक दौड़, बेबी शो, डॉग शो, मेंहदी तथा रंगोली प्रतियोगिताओं के आयोजन पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

साथ ही मेले के दौरान स्मारिका के प्रकाशन पर भी विचार किया गया, जिसमें जिला के साहित्यकारों एवं कवियों की रचनाओं के साथ-साथ बिलासपुर के समृद्ध इतिहास और नलवाड़ी मेले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से संबंधित लेख शामिल किए जाएंगे।
बैठक में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हर वर्ग के मनोरंजन का ध्यान रखा जाए और साथ ही बिलासपुर की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रचार-प्रसार को प्रमुखता दी जाए।


उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि मेले, त्योहार और पर्व हमारी प्राचीन एवं बहुमूल्य लोक सांस्कृतिक विरासत के अभिन्न अंग हैं। नलवाड़ी मेला परंपरागत रूप से पशु मेले के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन समय के साथ इसमें विविध गतिविधियों को जोड़कर इसे और अधिक व्यापक एवं आकर्षक स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि यह मेला राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सके।

उन्होंने कहा कि मेले के मौलिक स्वरूप को बनाए रखते हुए इसे आधुनिक दृष्टिकोण के साथ और अधिक भव्य बनाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।राहुल कुमार ने बैठक के दौरान यह भी जानकारी दी कि इस वर्ष राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के लिए एक विशेष लोगो तैयार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि लोगो निर्माण को लेकर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें सबसे आकर्षक और उपयुक्त लोगो बनाने वाले प्रतिभागी को प्रशासन की ओर से पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य नलवाड़ी मेले को एक विशिष्ट पहचान देना तथा युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना है।


उपायुक्त ने आम जनता से भी अपील की कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला 2026 को यादगार और सफल बनाने के लिए अपने सकारात्मक एवं रचनात्मक सुझाव सहायक आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहली प्रारंभिक बैठक है और आने वाले समय में मेले के आयोजन से संबंधित कई और बैठकों का आयोजन किया जाएगा, ताकि सभी व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दिया जा सके।


बैठक में पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, सहायक आयुक्त राजकुमार सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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