मंडी,
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा निर्माण श्रमिकों के कल्याण से संबंधित योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से द्रंग विधानसभा क्षेत्र के औट में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने की।

मुख्य अतिथि ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार वंचित वर्गों के कल्याण के लिए अनेक कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत अनाथ व असहाय बच्चों को सरकार द्वारा अपनाया गया है औऱ उनके रहन-सहन से लेकर शिक्षा-दीक्षा सहित अन्य व्यय वहन कर रही है। इसके अतिरिक्त कामगार कल्याण बोर्ड के माध्यम से श्रमिक वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कामगारों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।

कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना गांधी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए पहली बार 78 हजार करोड़ का प्रावधान तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने किया था, लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार ने बार-बार इसका बजट घटाया है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा की जगह नया कानून गरीब और गांव विरोधी है तथा बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लाया गया है। इस कानून के खिलाफ हर पंचायत स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और इसे वापस लेने के लिए केंद्र को मजबूर किया जाएगा।
बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने कहा कि कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा श्रमिकों और आम नागरिकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए 14 योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का उद्देश्य है कि विकास की योजनाएं गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें, जिसके लिए बोर्ड जमीनी स्तर पर कार्य कर रहा है।

उन्होंने बताया कि जो श्रमिक मनरेगा या भवन निर्माण कार्य में 90 दिन पूर्ण कर लेता है, वह बोर्ड में पंजीकरण के लिए पात्र हो जाता है और पंजीकरण के बाद उसे सभी लाभ मिलने लगते हैं। बोर्ड द्वारा विवाह सहायता, बेटियों के नाम एफडी, शिक्षा सहायता, उच्च शिक्षा, हॉस्टल फीस, बीमारी सहायता, मृत्यु व दुर्घटना सहायता, वृद्धावस्था पेंशन तथा दिव्यांगों के लिए विशेष सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि विधवा, एकल और दिव्यांग महिलाओं के लिए घर निर्माण हेतु सरकार तीन लाख रुपये की सहायता देने जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान कौल सिंह ठाकुर ने उपस्थित जनसमूह को चिट्टे और नशे के खिलाफ नशा निवारण की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की एंटी चिट्टा अभियान के तहत जन-जन को नशा मुक्ति के लिए जागरूक किया जा रहा है।

इस अवसर पर एपीएमसी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, एचपीएमसी निदेशक जोगिंदर गुलरिया, जिला परिषद सदस्य रीता ठाकुर, मंडल अध्यक्ष सनौर दामोदर नेगी, ग्राम पंचायत कसना के प्रधान गोपाल कृष्ण, जिला श्रम कल्याण अधिकारी अनिल ठाकुर, कामगार बोर्ड संगठन के कोषाध्यक्ष शोभाराम, औट पंचायत के उपप्रधान श्याम वेद्य सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कामगार उपस्थित रहे।
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