विधायक ने जानकारी देते हुए बताया कि दौरे के दौरान यह पाया गया कि साफ मौसम में भी पहाड़ी दरक रही है, जिससे पाहनाला गांव के लगभग 15-20 घर खतरे की जद में आ गए हैं। पहाड़ी पर दरारें और लटके हुए पत्थर भविष्य में बड़े नुकसान का संकेत दे रहे हैं।

उन्होंने सरकार से अनुरोध किया गया है कि शिमला से विशेषज्ञों (Geologists) को जल्द से जल्द भेजा जाए ताकि वे स्थिति का गहन अध्ययन कर सकें और उचित उपाय सुझा सकें।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के तहत प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उन्हें आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

बरसात के मौसम से पहले इस समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया जाएगा। रिटेनिंग वॉल और ड्रेजिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत लिंगर बणसु के लिए लगभग 17 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

साथ ही, पेयजल योजनाओं को भी सुदृढ़ किया जाएगा ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ पानी की निरंतर आपूर्ति हो सके। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि उनके जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इस दौरान उनके साथ एसडीएम निशांत ठाकुर, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग , तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

Discover more from Newshimachal24
Subscribe to get the latest posts sent to your email.