बिलासपुर,
नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दकड़ी में लगभग 62 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न विकासात्मक कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें ग्राम पंचायत दकड़ी में लगभग 42 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन तथा राजकीय उच्च विद्यालय चुवाड़ी में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित बाउंड्री वॉल शामिल है।

इस अवसर पर पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि केंद्र सरकार को आगामी बजट में प्रदेश की वित्तीय सहायता में बढ़ोतरी करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री के साथ आयोजित बैठक में प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए उन पर उचित निर्णय लेने का आग्रह किया।

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है तथा हाल ही में भूकंप की दृष्टि से प्रदेश को अति संवेदनशील श्रेणी-6 में रखा गया है। भविष्य में प्रदेश में भूकंपरोधी तकनीक पर आधारित भवनों के निर्माण की लागत में लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि होगी।
वैश्विक स्तर पर हो रहे पर्यावरणीय असंतुलन के कारण हिमाचल प्रदेश लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। ऐसे में पुनर्निर्माण कार्यों एवं आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से उदार आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई है।

उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष बिलासपुर-भानुपल्ली तथा बद्दी-चंडीगढ़ रेलवे लाइन के निर्माण पर हो रहे खर्च का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन निर्माण में प्रदेश सरकार को लगभग 38 प्रतिशत खर्च वहन करना पड़ रहा है, जबकि कांगड़ा हवाई पट्टी के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण पर भी प्रदेश सरकार को 50 प्रतिशत व्यय करना पड़ रहा है।
इसी प्रकार ऊना में बल्क ड्रग पार्क के निर्माण पर भी प्रदेश सरकार को खर्च उठाना पड़ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि प्रदेश में चल रही ऐसी सभी बड़ी परियोजनाओं का खर्च केंद्र सरकार स्वयं वहन करे।

राजेश धर्माणी ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के माध्यम से प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में मिलने वाली राशि 11,432 करोड़ रुपये से घटकर 3,257 करोड़ रुपये रह गई है, जिससे प्रदेश को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने 16वें वित्त आयोग में प्रदेश की आर्थिक सहायता बढ़ाने, एनपीएस कर्मचारियों के अंशदान को प्रदेश सरकार को वापस करने, बीबीएमबी परियोजना में हिमाचल प्रदेश का हिस्सा प्रदान करने तथा शानन जल विद्युत परियोजना को प्रदेश को सौंपने जैसे अहम मुद्दे भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाए है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी बजट में केंद्र सरकार प्रदेश हितों को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश की आर्थिक सहायता में वृद्धि करेगी।इस अवसर पर उन्होंने लोगों को लोहड़ी एवं मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं भी दीं तथा दकड़ी पंचायत में संवेदना संस्था द्वारा आयोजित लोहड़ी कार्यक्रम में भी भाग लिया।

इस मौके पर मंत्री की धर्मपत्नी सोनिका धर्माणी, एसडीएम गौरव चौधरी, दकड़ी पंचायत के प्रधान मस्तराम, उपप्रधान पवन जमवाल, नगर परिषद पार्षद राकेश कुमार, वार्ड सदस्य श्याम लाल व सतपाल, कृषि सोसायटी के प्रधान गनी मोहम्मद, देवराज, एसएमसी प्रधान संजीव कुमार, पनोल पंचायत की वार्ड सदस्य शकुंतला देवी, बल्ली मंदिर कमेटी के सभी सदस्य, रामदास शास्त्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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