सरकाघाट,
एचआईवी जागरूकता अभियान के तहत आज राजकीय डिग्री कॉलेज सरकाघाट में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने फ्लैश मॉब के माध्यम से समाज को एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूक करने का सशक्त संदेश दिया।
कॉलेज परिसर के इस फ्लैश मॉब ने छात्रों, शिक्षकों और आम दर्शकों का ध्यान खींचा।

विद्यार्थियों ने नृत्य, और अभिनय के जरिए यह दर्शाया कि कैसे असुरक्षित यौन संबंध, दूषित रक्त, नशे के दौरान साझा सुई के प्रयोग और संक्रमित मां से नवजात में एचआईवी संक्रमण फैलता है। प्रस्तुति में एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों को तोड़ने और सामाजिक सहानुभूति को बढ़ावा देने का संदेश भी प्रभावशाली ढंग से दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आर.के. कौंडल और स्टाफ ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की रचनात्मक पहलें युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं।

इस अवसर पर सिविल अस्पताल सरकाघाट की आईसीटीसी काउंसलर सोनू कुमार ने छात्रों को एचआईवी संक्रमण के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, सुरक्षित जीवनशैली अपनाने और समय-समय पर एचआईवी, हेपेटाइटिस-सी और डी की जांच करवाने का आह्वान किया।
सोनू कुमार ने कहा, “एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं, बल्कि सहानुभूति और सहयोग का व्यवहार ही समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाता है।”प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान के तहत 12 अगस्त से 12 अक्टूबर तक लगभग 6 हजार गांवों और 1500 शिक्षण संस्थानों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसी क्रम में यह कार्यक्रम राजकीय डिग्री कॉलेज सरकाघाट में आयोजित किया गया।इस रचनात्मक और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि युवा वर्ग न केवल बदलाव का वाहक है, बल्कि समाज को दिशा देने में भी अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
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